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दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, CLAT 2025 की मेरिट लिस्ट संशोधित करने का दिया आदेश
यह आदेश एक याचिका के बाद आया है, जिसमें अंतिम उत्तर कुंजी पर सवाल उठाए गए और मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) के कंसोर्टियम को आदेश दिया है कि वह 7 दिसंबर 2024 को जारी की गई कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2025 की मेरिट लिस्ट को फिर से संशोधित करे. यह आदेश एक याचिका के बाद आया है जिसमें फाइनल आंसर की (Final Answer Key) और मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर सवाल उठाए गए थे.
याचिकाकर्ता ने सेट-A के प्रश्न पत्र के प्रश्न 14, 37, 67, 68, 89, 99, 100, और 102 के अस्थायी आंसर की (Provisional Answer Key) पर आपत्ति जताई थी. विशेषज्ञ समिति ने प्रश्न 89, 99, और 102 पर आपत्तियों को सही माना और फाइनल आंसर की (Final Answer Key) में बदलाव किए. लेकिन याचिकाकर्ता ने प्रश्न 14, 37, 67, 68, और 100 के लिए और सुधार की मांग की और 9 दिसंबर 2024 को एक पत्र देकर मूल्यांकन में त्रुटियां बताईं.
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की बात से सहमति जताई और प्रश्न 14 के लिए विकल्प ‘C’ को सही उत्तर माना. जिन उम्मीदवारों ने विकल्प ‘C’ चुना था, उन्हें अब इसके अंक दिए जाएंगे. प्रश्न 100 के लिए कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिश मानी और सवाल को पूरी तरह से हटाने का आदेश दिया. इससे रिजल्ट को दोबारा संशोधित करना जरूरी हो गया है. याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि फाइनल आंसर की (Final Answer Key) के साथ NLU ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें उम्मीदवारों की समस्याओं के समाधान के लिए एक शिकायत निवारण समिति बनाने की घोषणा की गई थी.
कोर्ट के आदेश के जवाब में कंसोर्टियम ने कहा कि वे कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं. पहली एडमिशन लिस्ट, जो 26 दिसंबर 2024 को जारी होने वाली थी, अब देर से आएगी. कंसोर्टियम ने कहा, "हम इस स्थिति से पैदा हुई अनिश्चितता को समझते हैं और एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं." मेरिट लिस्ट और एडमिशन शेड्यूल में बदलाव से देशभर के उम्मीदवारों पर असर पड़ेगा. कंसोर्टियम ने प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने और परेशानी कम करने का भरोसा दिया है.
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