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बैंक में साइबर अटैक, सर्वर हैक कर RTGS सिस्टम में लगाई सेंध, 16 करोड़ लड़ा ले गए चोर
हैकरों ने बैंक का RTGS सिस्टम हैक कर 16 करोड़ से ज्यादा की राशि उड़ा दी. साइबर क्राइम थाने में बैंक के आईटी मैनेजर ने शिकायत दर्ज कराई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिल्ली-एनसीआर के नोएडा के सेक्टर 62 स्थित नैनीताल बैंक लिमिटेड में साइबर अटैक का एक बड़ा मामला सामने आया है. हैकरों ने बैंक के रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) चैनल को हैक करके 16 करोड़ 1 लाख 83 हजार 261 रुपये ट्रांसफर कर लिए हैं. जानकारी के मुताबिक, हैकरों ने ये पैसे 89 बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं. इस मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. प्राथमिक जांच में पता चला है कि बैंक के सर्वर को हैक कर पूरी जालसाजी की घटना को अंजाम दिया गया. जब बैंक में बैलेंस शीट का मिलान किया गया, तब इस जालसाजी के बारे में पता चला.
बैलेंस सीट के मिलान में हुआ खुलासा
यह खुलासा बैंक की बैलेंस सीट के मिलान के दौरान हुआ. इसके बाद बैंक के आईटी मैनेजर सुमित श्रीवास्तव ने नोएडा के साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है. इसके अलावा बैंक की ओर मामले की जांच के लिए सर्ट-इन (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) से भी आग्रह किया है. आईटी मैनेजर सुमित कुमार श्रीवास्तव ने नोएडा पुलिस को दिए शिकायत में बताया कि पिछले महीने 17 जून को आरटीजीएस खातों के बैलेंस सीट का मिलान किया गया. इस दौरान पाया गया कि मूल रिकार्ड में 36 करोड़ 9 लाख 4 हजार 20 रुपये का अंतर है.
सर्वर में छेड़छाड़ कर वारदात
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच कराई गई. इसमें बैंक के सर्वर में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चिन्हित की गई. शुरूआती जांच में शक हुआ कि सिस्टम लाइन में गड़बड़ी की वजह से रकम का मिलान नहीं हो पा रहा, लेकिन 20 जून को आरबीआई प्रणाली को रिव्यू किया गया तो पता चला कि 84 बार संदिग्ध लेनदेन हुई है. आईटी मैनेजर के मुताबिक यह सारी लेनदेन 17 से 21 जून के बीच हुई हैं. आरटीजीएस सेटलमेंट के जरिए रुपये खाते से निकाले गए हैं.
पुलिस ने दर्ज किया केस
यह राशि कई बैंकों के अलग अलग खातों में ट्रांसफर हुई हैं. इस खुलासे के बाद उन सभी बैंक खातों को फ्रीज कराते हुए खाता धारकों को KYC कराने को कहा गया है. इस प्रक्रिया के तहत बैंक ने 69 करोड़ 49 हजार 960 रुपये तो रिकवर कर लिए हैं, लेकिन अभी 16 करोड़ 1 लाख 83 हजार 261 रुपये की ठगी की रकम रिकवर नहीं हो सकी है. नोएडा साइबर क्राइम विंग के एसीपी विवेक रंजन राय के मुताबिक बैंक प्रबंधन की शिकायत पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस जालसाजों के कंप्यूटर का आईपी एड्रेस ट्रेस कर बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. पुलिस को बदमाशों के कुछ डंप मिले हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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