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NDTV से रिश्ता टूटने के बाद प्रणय रॉय को बड़ी राहत, केस दर्ज करने वाली CBI बोली सबूत नहीं
NDTV मीडिया ग्रुप अब अडानी समूह के पास है. कुछ साल पहले अडानी ने NDTV का अधिग्रहण कर लिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अडानी समूह के एनडीटीवी के अधिग्रहण से पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) एक पुराने मामले में कंपनी के पूर्व निदेशक एवं प्रमोटर प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ शिकंजा कसने में लगी थी. लेकिन अब उसने इस मामले को बंद कर दिया है. CBI की तरफ से बताया गया है कि सबूतों के अभाव में उसने यह केस बंद कर दिया है. जांच एजेंसी का यह कदम प्रणय और राधिका रॉय के लिए बड़ी राहत है.
2017 में दर्ज हुई थी FIR
एनडीटीवी के पूर्व निदेशक एवं प्रमोटर प्रणय और राधिका रॉय के खिलाफ 2017 में आईसीआईसीआई बैंक को जानबूझकर 48 करोड़ से अधिक का नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था. यह मामला 2009 में रॉय द्वारा आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए 48 करोड़ रुपए के कथित बैंक लोन डिफॉल्ट से संबंधित था. सीबीआई ने अपनी FIR में बताया था कि प्रणय रॉय ने आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के लिए लिए गए लोन को डिफॉल्ट किया.
ED ने भी कसा था शिकंजा
सीबीआई के केस दर्ज करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी रॉय दंपत्ति पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था. CBI ने क्वांटम सिक्योरिटीज लिमिटेड के संजय दत्त की शिकायत के आधार पर 2017 में FIR दर्ज की थी, जिसमें यह आरोप भी लगाया गया था कि आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने एनडीटीवी में 20% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए इंडिया बुल्स प्राइवेट लिमिटेड से 500 करोड़ का कर्ज लिया था. अब सीबीआई का कहना है कि उसके पास प्रणय और राधिका रॉय के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं, लिहाजा केस को बंद किया जा रहा है. बता दें कि अडानी समूह ने 2022 में NDTV का अधिग्रहण किया था.
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