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एडटेक दिग्गज Byju’s ने क्यों खटखटाया अदालत का दरवाजा?
बायजू ने न्यूयॉर्क के सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी शिकायत में Redwood की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
एडटेक सेक्टर की दिग्गज कंपनी बायजू (Byju’s) ने 1.2 अरब डॉलर के टर्म लोन बी (TLB) के एक्सलेरशन को खिलाफ और रेडवुड को अयोग्य घोषित करने के लिए न्यूयॉर्क के सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दर्ज की है. बायजू का आरोप है कि रेडवुड के नेतृत्व में कर्जदाताओं ने नियम विरुद्ध रणनीति पर काम किया है.
इसलिए उठाया ये कदम
बायजू के मुताबिक, TLB लेंडर्स ने गैर-मौद्रिक और तकनीकी चूक का हवाला देते हुए कथित तौर पर लोन को एक्सलरेट किया है. नतीजतन, लेंडर्स ने Byju’s Alpha को अपने नियंत्रण में लेकर वहां अपने प्रबंधन की नियुक्ति कर दी. इसी को ध्यान में रखते हुए Byju’s ने अपने संविदात्मक अधिकारों की रक्षा के लिए डेलावेयर में कानूनी कार्यवाही शुरू की है. बता दें कि Accelerated Claus लोन अग्रीमेंट में शामिल एक शब्द होता है, जिसके तहत उधारकर्ता को कुछ शर्तों के तहत तुरंत लोन चुकाना होता है. ये क्लॉज आमतौर पर तब लागू किया जाता है, जब उधारकर्ता भौतिक रूप से ऋण समझौते का उल्लंघन करता है.
इस पर भी जताई चिंता
TLB लेंडर्स के अलावा, Byju's ने रेडवुड को लेकर भी चिंता व्यक्त की है. कंपनी का कहना है कि रेडवुड TLB में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है, और इससे ऐसा प्रतीत होता है कि वह मौजूदा स्थिति से लाभ उठाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है. इससे निपटने के लिए कंपनी ने रेडवुड संस्थाओं को अयोग्य घोषित करते हुए एक अधिसूचना जारी की है, जिससे TLB के तहत उनके महत्वपूर्ण अधिकारों का प्रयोग सीमित हो गया है.
आईपीओ लाने की तैयारी
मौजूदा कानूनी कार्यवाही और लोन विवाद के कारण, बायजू ने ब्याज राशि सहित अपने टर्म लोन B के भुगतान को निलंबित रखने का निर्णय लिया है. बता दें कि बायजू अपनी सहयोगी कंपनी आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड (Aakash Education Services Limited) आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है. बायजू के बोर्ड ने इस आईपीओ के लिए मंजूरी दे दी है और अगले साल के मध्य तक IPO आ सकता है. आकाश का रिवेन्यु 4,000 करोड़ रुपए के करीब है और वित्त वर्ष 2023-24 में उसका एबिटा 900 करोड़ रुपए का है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में आकाश के 325 से अधिक सेंटर हैं जिनमें 4,00,000 से अधिक बच्चे रजिस्टर्ड हैं.
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