होम / कोर्ट कचहरी / Aircel-Maxis Case में पी चिदंबरम को बड़ी राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी रोक, जानें पूरा मामला
Aircel-Maxis case में पी चिदंबरम को बड़ी राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी रोक, जानें पूरा मामला
चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल-मैक्सिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है. दिल्ली HC ने पी चिदंबरम की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एयरसेल-मैक्सिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल-मैक्सिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पी चिदंबरम की याचिका पर ईडी (ED) को नोटिस जारी किया है. दिल्ली हाई कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2025 में होगी. एयरसेल-मैक्सिस मामले में चिदंबरम के खिलाफ ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है.
चिदंबरम ने दी थी चुनौती
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस डील के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से चार्जशीट पर संज्ञान लेने के आदेश को चुनौती दी थी, इसे लेकर दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की बेंच ने याचिका पर आंशिक सुनवाई की थी और आज 20 नवंबर को भी सुनवाई जारी रखी.
चिदंबरम की ओर से पेश वकील ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अभियोजन चलाने की अनुमति मिले बिना ही चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया था. पूर्व केंद्रीय मंत्री लोकसेवक थे, ऐसे में अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 197(1) के प्रावधानों के तहत अभियोजन चलाने के लिए अनुमति की जरूरत है, लेकिन ईडी के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है.
क्या है एयरसेल मैक्सिस केस?
यह केस फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से जुड़ा है. 2006 में एयरसेल-मैक्सिस डील को पी चिदंबरम ने बतौर वित्त मंत्री ने मंजूरी दी थी. पी चिदंबरम पर आरोप है कि उनके पास 600 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट प्रपोजल्स को ही मंजूरी देने का अधिकार था. इससे बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए उन्हें आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी लेनी जरूरी थी. एयरसेल-मैक्सिस डील केस 3500 करोड़ की एफडीआई की मंजूरी का था. इसके बावजूद एयरसेल-मैक्सिस एफडीआई मामले में चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की मंजूरी के बिना मंजूरी दी गई.
सुब्रमण्यम स्वामी ने किया था मामले का खुलासा
साल 2015 में सुब्रमण्यन स्वामी ने कार्ति चिदंबरम की विभिन्न कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन का खुलासा किया था. स्वामी ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए पी. चिदंबरम ने अपने बेटे कार्ति की एयरसेल-मैक्सिस डील से लाभ उठाने में मदद की. इसके लिए उन्होंने दस्तावेजों को जानबूझकर रोका और अधिग्रहण प्रक्रिया को नियंत्रित किया ताकि कार्ति को अपनी कंपनियों के शेयर की कीमत बढ़ाने का वक्त मिल जाए.
कौन-कौन हैं आरोपी?
23 मार्च, 2022 को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई और ईडी दोनों से जुड़े मामलों में पी. चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम को नियमित जमानत दी थी. साथ ही 27 नवंबर 2021 को कोर्ट ने सीबीआई और ईडी की ओर से आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर भी संज्ञान लिया था. ईडी की ओर से दाखिल केस में पी. चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम के अलावा मेसर्स पद्मा भास्कर रमन, मेसर्स एडवांटेजेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स चेस मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है.
टैग्स