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ED की बड़ी कार्रवाई : 12,000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेपी इंफ्राटेक MD मनोज गौड़ गिरफ्तार
मई 2025 में ED ने कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और नकदी जब्त की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जेपी ग्रुप पर शिकंजा कस दिया है. दरअसल, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और घर खरीदारों के पैसों की हेराफेरी से जुड़े एक गंभीर मामले में जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (Jaypee Infratech Ltd) के प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी का दावा है कि कंपनी और उससे जुड़ी फर्मों ने करीब 12,000 करोड़ रुपये के फंड का गलत इस्तेमाल किया.
घर खरीदारों के पैसों के दुरुपयोग का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईडी की जांच में सामने आया है कि जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड ने अपने विभिन्न रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए घर खरीदारों से जो रकम जुटाई, उसे निर्धारित परियोजनाओं में लगाने के बजाय अन्य कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया. इस कथित हेराफेरी के चलते हजारों निवेशकों का पैसा अटक गया है और उन्हें अब तक अपने फ्लैट्स नहीं मिल पाए हैं.
पुराना मामला, लेकिन अब बड़ी कार्रवाई
साल 2017 में भी घर खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज कराई थीं, जिनमें पैसे के दुरुपयोग और डिलीवरी में देरी के आरोप लगे थे. अब ईडी ने इस मामले में एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है. मनोज गौड़ की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी कंपनी की वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों की अटैचमेंट और फंड ट्रांसफर ट्रेल की गहन जांच कर रही है.
मई 2025 में हुई थी बड़ी छापेमारी
इस साल मई 2025 में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत जेपी इंफ्राटेक, जेपी एसोसिएट्स और उनसे जुड़ी अन्य कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. दिल्ली, मुंबई समेत देश के करीब 15 ठिकानों पर यह कार्रवाई की गई थी. एजेंसी ने उस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए थे. साथ ही 1.70 करोड़ रुपये की नकदी भी कब्जे में ली गई थी.
आगे की जांच और संभावित कार्रवाई
ईडी का कहना है कि मनोज गौड़ की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले की जांच और तेज होगी. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि खरीदारों के पैसे को किन खातों में ट्रांसफर किया गया और उसका उपयोग किन कंपनियों में हुआ. सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में जेपी ग्रुप की अन्य कंपनियों और अधिकारियों पर भी शिकंजा कस सकता है.
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