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26/11 केस में बड़ी कार्रवाई: देर रात तहव्वुर राणा की पटियाला हाउस कोर्ट में हुई पेशी, NIA को मिली 7 दिन की हिरासत
26/11 मुंबई हमलों के एक प्रमुख आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है, तहव्वुर राणा को NIA की 7 दिन की हिरासत में भेजा गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
26/11 मुंबई आतंकी हमलों के एक अहम आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को शुक्रवार को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया. राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजामों के बीच उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सात दिन की हिरासत मांगी, जिसे कोर्ट ने मंज़ूर कर लिया. राणा को तुरंत एनआईए की कस्टडी में सौंप दिया गया, और रात में ही उससे पूछताछ शुरू होने की संभावना है.
कौन है तहव्वुर राणा?
तहव्वुर हुसैन राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो पेशे से डॉक्टर रह चुका है और बाद में अमेरिका में व्यवसायी बना. उसका नाम 26/11 हमलों की साजिश रचने वाले डेविड कोलमैन हेडली के साथ कई मौकों पर जुड़ चुका है. अमेरिकी जांच एजेंसियों ने भी राणा को आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों में शामिल पाया था, हालांकि वह वहां की अदालत में हेडली की कुछ गवाही को लेकर बरी कर दिया गया था. लेकिन भारत ने लगातार उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी, जो अब पूरी हुई.
कैसे हुआ प्रत्यर्पण?
भारत सरकार ने अमेरिका से तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की मांग 2011 में शुरू की थी. लगभग 13 साल बाद, लंबी कानूनी प्रक्रिया और राजनयिक प्रयासों के बाद अप्रैल 2025 में अमेरिका की अदालत ने उसकी भारत को सौंपने की अनुमति दे दी. गुरुवार रात उसे विशेष विमान से भारत लाया गया और सीधे खुफिया एजेंसियों की निगरानी में रखा गया.
पटियाला कोर्ट में पेशी: हाई अलर्ट पर था पूरा इलाका
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पटियाला हाउस कोर्ट को किले में तब्दील कर दिया था. कोर्ट के चारों ओर भारी पुलिस बल, बम स्क्वॉड, स्नाइपर और कमांडो दस्ते तैनात थे. मीडिया के कैमरे लगातार हर गतिविधि को कवर कर रहे थे. राणा को चेहरे को ढककर कोर्ट लाया गया, और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी.
NIA को मिली सात दिन की हिरासत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार NIA ने कोर्ट में दलील दी कि तहव्वुर राणा से पूछताछ में 26/11 हमले से जुड़ी कई नई कड़ियाँ सामने आ सकती हैं. एजेंसी को उसके पाकिस्तान स्थित संपर्कों, फंडिंग सोर्स, और संभावित सहयोगियों की जानकारी चाहिए. कोर्ट ने तर्कों को मानते हुए 7 दिन की हिरासत मंज़ूर कर दी. अधिकारियों के मुताबिक, राणा से पूछताछ का पहला चरण शुक्रवार रात से ही शुरू हो जाएगा.
क्या मिल सकती हैं नई जानकारियाँ?
NIA सूत्रों का मानना है कि तहव्वुर राणा की गिरफ्तारी और पूछताछ 26/11 केस में अब तक की सबसे बड़ी प्रगति हो सकती है. अब तक डेविड हेडली द्वारा दी गई जानकारियाँ एकतरफा रही थीं, लेकिन राणा से जाँच एजेंसी को इनपुट्स क्रॉस वेरिफाई करने में मदद मिल सकती है. यह भी संभव है कि राणा के पास पाकिस्तान की ISI और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों के साथ संबंधों के सबूत हों, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को और मज़बूत कर सकते हैं. NIA अब तहव्वुर राणा को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में रखेगी, जहां उससे गहन पूछताछ होगी. एजेंसी की कोशिश रहेगी कि अगले एक हफ्ते में उससे जितनी ज्यादा जानकारियाँ निकाली जा सकें, निकाली जाएं. पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं, और पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी और बढ़ाया जा सकता है.
इस हाई-प्रोफाइल मामले में देश की निगाहें अब NIA की कार्रवाई और तहव्वुर राणा की पूछताछ से निकलने वाली जानकारियों पर टिकी हैं. यह मामला न सिर्फ 26/11 हमलों के पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक लड़ाई को भी मजबूती प्रदान कर सकता है.
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