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कांग्रेस को जिसका डर था वही हुआ, ED की चार्जशीट में आया पूर्व CM का नाम!
'महादेव बेटिंग ऐप' मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
'महादेव बेटिंग ऐप' (Mahadev Betting App) मामले में कांग्रेस का डर सही साबित हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले से जुड़ी ताजा चार्जशीट में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम लिया है. ED ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार आरोपी असीम दास अपने पुराने बयान पर कायम है, जिसमें उसने कहा था कि उसे भूपेश बघेल को कैश डिलीवर करने के लिए भेजा गया था. दास महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के लिए भारत में एक कूरियर के रूप में काम करता था.
इसी वजह से हुई विदाई!
ED की चार्जशीट में नाम आने से जहां भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. वहीं, कांग्रेस को अब भाजपा के और तीखे सवालों का सामना करना होगा. बता दें कि असीम दास को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले नवंबर 2023 में रायपुर स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया था. इसके बाद दास ने जो बयान दिया उससे छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया. उसने दावा किया कि उसे छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल को कैश डिलीवर करने के लिए भेजा गया था. राज्य में कांग्रेस की हार को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.
एक गिरफ्तार, दूसरा नजरबंद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असीम दास ने यह भी कहा है कि महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर्स की तरफ से भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपए दिए गए थे. वहीं, ED ऐप के प्रमोटर्स सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को भारत लाने की कोशिश में जुटी है. दोनों इस समय दुबई में हैं. ED के कहने पर इंटरपोल ने रवि उप्पल के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था, जिसपर कार्रवाई करते हुए कुछ समय पहले दुबई पुलिस ने उसे दबोच लिया था. साथ ही दुबई पुलिस ने चंद्राकर के ठिकाने के बारे में ED को सूचित करके उसे नजरबंद किया हुआ है. भारत में दोनों करीब 6000 करोड़ रुपए के लेनदेन से जुड़े अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी हैं.
पिछले साल शुरू हुई थी जांच
पिछले साल अक्टूबर में छत्तीसगढ़ की एक विशेष अदालत के आदेश पर ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. ED का कहना है कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल संयुक्त अरब अमीरात स्थित अपने हेड ऑफिस से महादेव सट्टेबाजी ऐप के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला कारोबार में संलग्न थे. इस मामले में दोंनों पर 6000 करोड़ की मनी लॉड्रिंग का आरोप है. गौरतलब है कि महादेव ऐप एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जहां पोकर, कार्ड गेम, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और क्रिकेट जैसे विभिन्न खेलों दांव लगाया जाता है.
जूस सेंटर चलाता था चंद्राकर
सौरभ चंद्राकार और रवि उप्पल ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर महादेव बेटिंग ऐप तैयार किया है. यह सट्टेबाजी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है. इसे भारत में बैन कर दिया गया है, लेकिन लेकिन अन्य देशों में यह चल रहा है. महादेव बेटिंग ऐप पर यूजर्स कार्ड, पोकर आदि गेम खेलते थे. आरोप है कि इसकी मदद से लोग क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल जैसे खेलों के अलावा चुनाव पर भी सट्टेबाजी करते हैं. ED यानी प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में पाया है कि ऐप से जुड़े सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले हैं. मूलरूप से छत्तीसगढ़ का रखने वाला चंद्राकर पहले रायपुर में एक जूस सेंटर चलाता था.
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