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हरियाणा में 590 करोड़ बैंक घोटाले पर ACB का शिकंजा: मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार
इस बड़े एक्शन के बाद हरियाणा की सियासत और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, और सभी की नजर अब जांच की अगली कड़ी पर टिकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
हरियाणा में सामने आए बहुचर्चित आईएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात मास्टरमाइंड रिभव ऋषि सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. जांच एजेंसियों के मुताबिक फर्जी कंपनियों के जरिए सरकारी खातों से करीब 590 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई. अब इस मामले में कुछ सरकारी अफसरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिस पर जल्द नकेल कसने के संकेत हैं.
फर्जी कंपनियां बनाकर रची गई साजिश
जांच में खुलासा हुआ है कि कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि पहले IDFC First Bank में मैनेजर रह चुका है और फिलहाल जीरकपुर स्थित AU Small Finance Bank में तैनात था. आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां खड़ी कीं और हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर कराई. गिरफ्तार आरोपियों में रिभव ऋषि के अलावा अभिषेक सिंगला, अभय, स्वाति और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं. ACB ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें कितने बैंक कर्मचारी हैं और कितने बाहरी लोग, लेकिन शुरुआती जांच में संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं.
24 घंटे में रिकवरी का दावा
मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा में बताया कि IDFC First Bank से ब्याज समेत पूरी राशि रिकवर कर ली गई है. सरकार का दावा है कि त्वरित कार्रवाई के चलते सार्वजनिक धन को सुरक्षित कर लिया गया. हालांकि एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी राशि की निकासी कैसे संभव हुई और निगरानी तंत्र कहां चूक गया.
सरकारी अफसरों पर भी शक की सुई
ACB सूत्रों के अनुसार कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. बड़ा सवाल यह है कि पंचकूला में मुख्यालय होने के बावजूद 18 सरकारी विभागों के खाते चंडीगढ़ स्थित बैंकों में क्यों खोले गए. क्या यह महज प्रशासनिक निर्णय था या इसके पीछे किसी तरह का लाभ जुड़ा था? इन बिंदुओं की हाई लेवल जांच शुरू कर दी गई है.
पिछले साल ही मिली थी गड़बड़ी की भनक
चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार को जुलाई 2025 में ही संभावित अनियमितताओं की जानकारी मिल गई थी. वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) ने सभी विभागों को सतर्कता बरतने के निर्देश भी जारी किए थे. इसके बावजूद खातों के संचालन और बैंक इंपैनलमेंट प्रक्रिया पर पर्याप्त सख्ती क्यों नहीं बरती गई, यह भी जांच का अहम हिस्सा है.
सरकार ने IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को इंपैनल करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा के आदेश दिए हैं. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं. ACB की कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में अब सख्त रुख अपनाया जाएगा.
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