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200 करोड़ का फ्रंट-रनिंग घोटाला: ED ने Axis MF के पूर्व FM वीरेश जोशी को किया गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला
SEBI ने इस घोटाले के बाद आम निवेशकों को चेतावनी दी है कि वे केवल रजिस्टर्ड ब्रोकर के साथ ट्रेडिंग करें और बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव के समय अत्यधिक ट्रेडिंग से बचें.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में एक्सिस म्यूचुअल फंड (Axis MF) के पूर्व फंड मैनेजर वीरेश जोशी को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया है. जोशी पर ‘फ्रंट-रनिंग’ स्कैम का मास्टरमाइंड होने का आरोप है, जिससे उन्होंने और उनके सहयोगियों ने करीब ₹200 करोड़ की अवैध कमाई की. आइए जानते हैं आखिर से फ्रंट-रनिंग मामला क्या है?
कौन हैं वीरेश जोशी?
वीरेश जोशी 2009 में एक्सिस म्यूचुअल फंड से जुड़े और वहां मुख्य फंड मैनेजर और चीफ ट्रेडर की भूमिका निभा रहे थे. एक्सिस MF देश के शीर्ष फंड हाउसों में गिना जाता है, जो ₹2 लाख करोड़ से अधिक की निवेश संपत्ति का प्रबंधन करता है. जोशी पर 2021 में फ्रंट-रनिंग के आरोप लगे थे और मई 2022 में उन्हें पद से हटा दिया गया. बाद में इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी में जोशी की ₹54 करोड़ की FD, मुंबई में ₹150 करोड़ की प्रॉपर्टी और लंदन में फ्लैट होने का खुलासा हुआ.
क्या होता है फ्रंट-रनिंग?
फ्रंट-रनिंग एक गैरकानूनी ट्रेडिंग तकनीक है, जिसमें कोई इनसाइडर जानकारी का लाभ उठाता है. जोशी को एक्सिस MF द्वारा किए जाने वाले बड़े शेयर ऑर्डर की जानकारी पहले से मिलती थी. वह और उनके साथी बाजार में पहले ही शेयर खरीद लेते थे. MF के ऑर्डर के बाद जब शेयर की कीमतें बढ़तीं, तो वे उन्हें ज्यादा कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते. इस प्रक्रिया में आम निवेशक ऊंची कीमत पर शेयर खरीदकर नुकसान उठाते, जबकि जोशी और टीम अवैध लाभ कमाते
दुबई से चल रहा था पूरा नेटवर्क
जांच में पता चला है कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए दुबई के ट्रेडिंग टर्मिनल का इस्तेमाल किया जा रहा था. जोशी और उनके साथी फर्जी खातों और कंपनियों के माध्यम से यह लेन-देन करते थे. अब तक की जांच में करीब ₹200 करोड़ की अवैध कमाई सामने आई है, लेकिन ED के अनुसार असली आंकड़ा इससे काफी अधिक हो सकता है.
रकम को खपाने का तरीका
ईडी का दावा है कि जोशी ने इस अवैध रकम को फर्जी कंपनियों, रिश्तेदारों के बैंक खातों और विदेशी संपत्तियों के जरिए खपाया. अब तक की कार्रवाई में ₹17.4 करोड़ के शेयर, म्यूचुअल फंड और बैंक अकाउंट्स को फ्रीज किया गया है. एजेंसी अन्य आरोपियों और कंपनियों की पहचान में जुटी है. बता दें, वीरेश जोशी को 2 अगस्त 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उन्हें 8 अगस्त तक ईडी की रिमांड में भेजा गया है. इस मामले में देशभर में छापेमारी के दौरान कुल ₹17.4 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है.
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