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Zerodha की नई पहल: पुराने फिजिकल शेयरों को डिजिटल डिमैट में बदलने के लिए फ्री सर्विस
Zerodha की यह पहल न केवल उसके ग्राहकों बल्कि आम निवेशकों के लिए भी उपयोगी है, जो अब भी पुराने पेपर शेयर सर्टिफिकेट्स के कारण फंसे हुए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत की रिटेल ब्रोकरेज कंपनी ज़ेरोधा ने एक नई पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य निवेशकों को उनके पुराने फिजिकल शेयर सर्टिफिकेट्स को डिजिटल डिमैट फॉर्मेट में बदलने में मदद करना है, चाहे वे जेरोधा के ग्राहक हों या नहीं. यह कदम उन निवेशों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया गया है जो अब भी फिजिकल फॉर्म में फंसे हुए हैं, विशेष रूप से वे जो परिवार की संपत्ति के रूप में विरासत में मिले हैं.
इस पहल के बारे में सोशल मीडिया पर बात करते हुए ज़ेरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामथ ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से ऐसे लोगों से पूछताछ मिलती है, जिन्हें अपने माता-पिता या दादा-दादी के पुराने पेपर शेयर सर्टिफिकेट्स मिलते हैं. इनमें से कई निवेशकों को यह पता ही नहीं होता कि अब नियमों में बदलाव के चलते इन फिजिकल शेयरों का ट्रांसफर या बिक्री संभव नहीं है.
कामथ ने कहा, “लोगों को अक्सर ये सर्टिफिकेट अचानक मिलते हैं और वे नहीं जानते कि अब क्या करना है. हमने महसूस किया कि यह एक बड़ी समस्या है और इसे सरल बनाना जरूरी है, भले ही व्यक्ति हमारा ग्राहक न हो.”
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अप्रैल 2019 से यह अनिवार्य कर दिया है कि फिजिकल फॉर्मेट में रखे शेयरों का ट्रांसफर तभी संभव है जब उन्हें डिमैट किया गया हो. केवल विरासत या ट्रांसमिशन जैसे मामलों में अपवाद की अनुमति है. हालांकि यह नियम पाँच वर्षों से लागू है, देशभर में लाखों निवेशक अब भी पुराने पेपर शेयर सर्टिफिकेट्स रखे हुए हैं, जिनमें से कई 1990 के दशक के प्री-डिमैट युग के हैं.
ये सर्टिफिकेट्स कानूनी रूप से मान्य हैं, लेकिन जब तक इन्हें डिमैट अकाउंट के जरिए डिजिटल फॉर्म में बदला नहीं जाता, तब तक इन्हें न बेचा जा सकता है, न गिरवी रखा जा सकता है और न ही ट्रांसफर किया जा सकता है. इस वजह से खासकर ऐसे निवेशक, जिन्हें विरासत में शेयर मिले हैं, प्रक्रिया और तकनीकी अड़चनों के कारण फंसे हुए हैं.
जेरोधा की यह नई पहल इस अंतर को भरने के लिए शुरू की गई है. इसके तहत, ब्रोकरेज के पास खाता न रखने वाले लोगों को भी शेयरों को डिमैट कराने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस दी जाएगी. इसके लिए एक विशेष सहायता टीम बनाई गई है जो सभी जरूरी दस्तावेज़ी कार्य और अनुपालन प्रक्रिया में निवेशकों की मदद करेगी.
इच्छुक निवेशक जेरोधा के ऑनलाइन सपोर्ट पोर्टल पर टिकट बनाकर इस प्रक्रिया की शुरुआत कर सकते हैं. यह सेवा दस्तावेजी प्रक्रिया, केवाईसी, और रजिस्टार या डिपॉजिटरी से समन्वय जैसे जरूरी चरणों को सरल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
इस सेवा को आम जनता के लिए खोल कर, ज़ेरोधा का लक्ष्य है कि वे देशभर में फंसे हुए करोड़ों रुपये के निष्क्रिय निवेशों को फिर से सक्रिय कर सकें, जिनके बारे में कई बार वैध उत्तराधिकारियों को भी जानकारी नहीं होती.
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