होम / बिजनेस / रक्षा मंत्रालय की बदौलत Zen Technologies के शेयरों में कैसे आया उछाल?

रक्षा मंत्रालय की बदौलत Zen Technologies के शेयरों में कैसे आया उछाल?

Zen टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies) को रक्षा मंत्रालय से 227.65 करोड़ रुपयों का आर्डर प्राप्त हुआ है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

Zen टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies) की शुरुआत साल 1993 में हुई थी. यह कंपनी डिफेंस क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी है जो स्टेट-ऑफ-द-आर्ट डिफेंस ट्रेनिंग सोल्यूशंस का निर्माण करती है जिनकी मदद से दुनिया भर में डिफेन्स और सुरक्षा बलों की ट्रेनिंग की जाती है. इस कंपनी का हेडक्वार्टर हैदराबाद में मौजूद है. हाल ही में कंपनी के शेयरों में 4% जितना उछाल देखने को मिला है. 

शेयरों में क्यों आया उछाल?
Zen टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies) को रक्षा मंत्रालय से 227.65 करोड़ रुपयों का आर्डर प्राप्त हुआ है. यह जानकारी खुद कंपनी ने ही साझा की है और इस जानकारी के प्राप्त होने के बाद ही कंपनी के शेयरों में 4% जितना उछाल देखने को मिला था. खबर लिखे जाने तक कंपनी का शेयरों में 3.7% का उछाल देखने को मिला था और लगभग 28 रूपए की वृद्धि के साथ कंपनी के शेयर 784.20 रूपए पार्टी शेयर की कीमत पर ट्रेड कर रहे थे. आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय द्वारा कंपनी को एंटी-ड्रोन सिस्टम (Anti-Drone System) बनाने का ऑर्डर दिया गया है. 

1 साल में Zen Technologies का प्रदर्शन
जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि रक्षा मंत्रालय द्वारा एंटी-ड्रोन सिस्टम प्रदान करने के लिए Zen टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies) को ऑर्डर दिया गया है. यह ऑर्डर CMC कॉन्ट्रैक्ट के तहत जारी किया गया है, जिसकी कीमत 43.22 करोड़ रुपए है और इसमें GST भी शामिल है. पिछले 6 महीनों के दौरान Zen टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 484.60 रुपयों की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है. वहीँ अगर पिछले एक साल के दौरान इस शेयर का प्रदर्शन देखें तो पिछले एक साल के दौरान इस शेयर में 308.91% का उछाल आ चुका है. वहीं इस साल की शुरुआत से लेकर अभी तक कंपनी के शेयरों में 318.93% का उछाल दर्ज किया जा चुका है. 

पहले भी मिले हैं कई आर्डर
इससे पहले कंपनी को 5 सितंबर को रक्षा मंत्रालय से 123.3 करोड़ रुपयों का आर्डर प्राप्त हुआ था. इस ऑर्डर में 18% GST शुल्क भी शामिल था. कंपनी को रक्षा मंत्रालय से 227.65 रुपयों का  एक अन्य ऑर्डर भी 22 सितंबर को प्राप्त हुआ था. Zen टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies) के शेयरों ने 52 हफ़्तों का अपना अधिकतम स्तर 17 अगस्त 2023 को प्राप्त कर लिया था. जहां 52 हफ्तों के दौरान कंपनी के शेयरों का अधिकतम स्तर 912.55 रूपए है वहीं 52 के दौरान इनका सबसे निचला स्तर 175.50 रूपए प्रति शेयर है.
यह भी पढ़ें: वैश्विक चुनौतियों के बीच JP Morgan के बॉस ने भारत-अमेरिका की दोस्ती पर दिया बड़ा बयान

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

7 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

8 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

9 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

10 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

11 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

10 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

7 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

8 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

9 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

16 hours ago