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जुड़ने से पहले ही टूट गया था ZEE-Sony का रिश्ता, अब मामले में आया नया मोड़
जी एंटरटेनमेंट लिमिटेड और सोनी की इंडिया यूनिट का अगर मर्जर होता तो 10 बिलियन डॉलर की नई कंपनी अस्तित्व में आती.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
जी एंटरटेनमेंट लिमिटेड (ZEEL) और सोनी ग्रुप का रिश्ता जुड़ते-जुड़ते रह गया था. दोनों ने मर्जर डील टूटने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाया था और अब इस मामले में एक नए मोड़ आया है. ZEEL ने कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट और बांग्ला एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (BEPL) को टर्मिनेशन फीस के हिस्से के रूप में 90 मिलियन डॉलर (750 करोड़ रुपए) का भुगतान करने को कहा है. सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया को अब कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (CME) के नाम से जाना जाता है.
दायित्वों के पालन में विफल
जी एंटरटेनमेंट ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि उसने सोनी ग्रुप की इंडिया मीडिया यूनिट कल्वर मैक्स और BEPL से टर्मिनेशन फीस के रूप में 750 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा है, क्योंकि वे मर्जर कॉरपोरेशन एग्रीमेंट (MCA) के तहत अपने दायित्वों का पालन करने में विफल रहे हैं. ZEE ने कहा कि इसी वजह से कंपनी ने MCA को समाप्त कर दिया है और कल्वर मैक्स और BEPL को MCA के अनुसार टर्मिनेशन फीस का भुगतान करने के लिए कहा है.
जनवरी में हुआ था ऐलान
सोने और ZEE का मर्जर होते-होते रह गया था. Sony ने इसी साल 22 जनवरी को डील को खत्म करने का ऐलान किया था. सोनी ने ZEEL पर क्लोजिंग पीरियड को एक महीने बढ़ाने के बाद भी क्लोजिंग की शर्तों को पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया था. जबकि, ZEEL का कहना था कि वह अधिकांश शर्तों को पूरा करने को तैयार है. मालूम ही कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने 10 अगस्त 2023 को कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट और BEPL के साथ ZEEL के मर्जर को मंजूरी दी थी. इससे 10 बिलियन डॉलर (83,277 करोड़ रुपए) की एक नई मीडिया यूनिट अस्तित्व में आनी थी.
ZEEL ने किया इतना खर्चा
रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, ZEE एंटरटेनमेंट ने सोनी ग्रुप की इंडिया मीडिया यूनिट के साथ फेल मर्जर डील के लिए 2023-24 और 2022-23 में 432 करोड़ रुपए खर्च किए थे. ZEEL और सोनी ने अलग-अलग वजह से मर्जर पर सहमति जताई थी. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सोनी जहां भारत में अपने बिजनेस को बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा पा रही थी. वहीं, जी पर कर्ज का बोझ था. इसलिए दोनों ने मर्जर का फैसला लिया था. इस मर्जर से दोनों कंपनियों को डायवर्स ऑडियंस बेस मिलता. सोनी ने भारत में 1995 में अपना पहला TV चैनल लॉन्च किया था. जबकि ZEE ने अपना पहला चैनल 1992 में लॉन्च किया था. इन दोनों के मर्जर से 10 बिलियन डॉलर की एक नई कंपनी अस्तित्व में आनी थी.
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