होम / बिजनेस / क्या बैंकिंग सिस्टम में बढ़ेगी नकदी? RBI गवर्नर ने लिक्विडिटी पर साफ किया रुख

क्या बैंकिंग सिस्टम में बढ़ेगी नकदी? RBI गवर्नर ने लिक्विडिटी पर साफ किया रुख

केंद्रीय बैंक ने फिलहाल कोई नया लिक्विडिटी बूस्टर नहीं दिया, लेकिन गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भरोसा दिलाया कि जरूरत के मुताबिक बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराई जाती रहेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 52 minutes ago

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अगस्त 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है. हालांकि इस बार बाजार की नजर सिर्फ ब्याज दरों पर नहीं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम में नकदी (लिक्विडिटी) को लेकर RBI के रुख पर भी थी. केंद्रीय बैंक ने फिलहाल कोई नया लिक्विडिटी बूस्टर नहीं दिया, लेकिन गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भरोसा दिलाया कि जरूरत के मुताबिक बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराई जाती रहेगी.

रेपो रेट के साथ सभी प्रमुख दरें यथावत

मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लगातार दूसरी बार रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा गया. इसके साथ ही RBI ने मौद्रिक नीति का 'न्यूट्रल' रुख भी कायम रखा. स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5%, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट 5.5% पर यथावत रखे गए हैं. समिति का मानना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की जरूरत नहीं है.

लिक्विडिटी पर क्या बोला RBI?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि RBI यह सुनिश्चित करेगा कि बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहे. इसका उद्देश्य यह है कि बैंकों के पास कर्ज देने और रोजमर्रा की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें. हालांकि केंद्रीय बैंक ने इस बैठक में नकदी बढ़ाने के लिए किसी नए कदम का ऐलान नहीं किया.

फिलहाल नहीं मिला कोई बड़ा लिक्विडिटी बूस्टर

बाजार को उम्मीद थी कि RBI कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में कटौती, ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) या किसी अन्य विशेष लिक्विडिटी उपाय की घोषणा कर सकता है. लेकिन केंद्रीय बैंक ने फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं लिया. RBI ने संकेत दिया कि मौजूदा समय में सिस्टम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध है और जरूरत पड़ने पर वह उचित कदम उठाने के लिए तैयार है.

बैंकिंग सेक्टर की स्थिति मजबूत

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि विभिन्न सेक्टरों में कर्ज की मांग मजबूत बनी हुई है और बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ व्यापक आधार पर जारी है. हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में बैंकों का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुछ कम हुआ है, लेकिन बैंकिंग प्रणाली मजबूत स्थिति में है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखी जाएगी, जिससे कर्ज वितरण की रफ्तार प्रभावित नहीं होगी.

बॉन्ड और मनी मार्केट में दिखी नरमी

RBI के मुताबिक जुलाई के दौरान शॉर्ट टर्म मनी मार्केट की ब्याज दरों में नरमी देखने को मिली है. इसके अलावा जून और जुलाई में विभिन्न अवधि वाले सरकारी बॉन्ड (G-Sec) की यील्ड भी घटी है. इससे संकेत मिलता है कि वित्तीय बाजारों में फंडिंग की स्थिति पहले के मुकाबले अधिक सहज हुई है और फिलहाल नकदी का कोई बड़ा दबाव नहीं है.

सहकारी बैंकों के लिए दो बड़े ऐलान

केंद्रीय बैंक ने सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए दो अहम घोषणाएं भी की हैं. RBI जल्द ही शहरी सहकारी बैंकों (Urban Cooperative Banks) की लाइसेंसिंग दोबारा शुरू करने के लिए ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी करेगा. इसके अलावा ग्रामीण सहकारी बैंकों (Rural Cooperative Banks) के लिए भी नए ड्राफ्ट दिशा-निर्देश लाए जाएंगे. RBI का मानना है कि इन कदमों से सहकारी बैंकिंग व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण तथा छोटे शहरों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बेहतर बनेगी.

महंगाई और वैश्विक जोखिमों पर बनी हुई है नजर

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई अभी भी RBI के लक्ष्य से ऊपर है और खाद्य व ईंधन की कीमतों का दबाव बना हुआ है. इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अल नीनो और वैश्विक व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताएं भी जोखिम पैदा कर रही हैं. ऐसे में केंद्रीय बैंक फिलहाल कोई आक्रामक कदम उठाने के बजाय आर्थिक परिस्थितियों पर नजर बनाए रखना चाहता है.

फिलहाल 'वेट एंड वॉच' मोड में RBI

पूरी मौद्रिक नीति समीक्षा का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि RBI फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की रणनीति पर काम कर रहा है. एक ओर भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर उम्मीद से बेहतर बनी हुई है, बैंकिंग सेक्टर मजबूत है और वित्तीय बाजारों में पर्याप्त नकदी उपलब्ध है. वहीं दूसरी ओर वैश्विक अनिश्चितताएं और महंगाई से जुड़े जोखिम अभी भी बने हुए हैं. ऐसे में केंद्रीय बैंक आने वाले महीनों के आर्थिक आंकड़ों और महंगाई के रुख का आकलन करने के बाद ही किसी बड़े नीतिगत बदलाव पर फैसला करेगा.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

RBI ने बढ़ाया GDP ग्रोथ का अनुमान, घटाया महंगाई का आकलन; रेपो रेट 5.25% पर बरकरार

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि घरेलू मांग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती से अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है, हालांकि वैश्विक जोखिमों को देखते हुए सतर्कता अभी भी जरूरी है.

1 hour ago

जुपिटर वैगन्स की इटली की कंपनियों के साथ बड़ी साझेदारी, भारत में बनेगा अत्याधुनिक रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग हब

इस साझेदारी का उद्देश्य भारत का पहला पूरी तरह एकीकृत निजी क्षेत्र का रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म विकसित करना है. कंपनियों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म भारतीय रेलवे और निजी ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करेगा.

1 hour ago

L&T की विदेश में बड़ी जीत! UAE की राष्ट्रीय तेल कंपनी से मिला 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर

इस प्रोजेक्ट के तहत इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग (EPCIC) के साथ मौजूदा ऑफशोर सुविधाओं के अपग्रेडेशन का काम भी किया जाएगा.

1 hour ago

विदेशी निवेशकों के लिए बड़ी राहत! टैक्स नियम होंगे आसान, लोकसभा में Tax Amendment Bill 2026 पेश

इस विधेयक के जरिए विदेशी निवेशकों, फंड मैनेजरों, क्लाउड कंपनियों और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों के लिए टैक्स नियमों को आसान बनाया जाएगा.

4 hours ago

GetVantage ने जुटाए 63 करोड़ रुपये, छोटे कारोबारों के लिए AI आधारित कैपिटल गेटवे का करेगा विस्तार

कंपनी ने बताया कि आने वाले महीनों में वह कई प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ सेलर-फाइनेंसिंग साझेदारियों की घोषणा करेगी, जिससे MSME को और अधिक तेज, आसान और डिजिटल फाइनेंसिंग सुविधाएं मिल सकेंगी.

4 hours ago


बड़ी खबरें

RBI ने बढ़ाया GDP ग्रोथ का अनुमान, घटाया महंगाई का आकलन; रेपो रेट 5.25% पर बरकरार

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि घरेलू मांग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती से अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है, हालांकि वैश्विक जोखिमों को देखते हुए सतर्कता अभी भी जरूरी है.

1 hour ago

क्या बैंकिंग सिस्टम में बढ़ेगी नकदी? RBI गवर्नर ने लिक्विडिटी पर साफ किया रुख

केंद्रीय बैंक ने फिलहाल कोई नया लिक्विडिटी बूस्टर नहीं दिया, लेकिन गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भरोसा दिलाया कि जरूरत के मुताबिक बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराई जाती रहेगी.

52 minutes ago

जुपिटर वैगन्स की इटली की कंपनियों के साथ बड़ी साझेदारी, भारत में बनेगा अत्याधुनिक रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग हब

इस साझेदारी का उद्देश्य भारत का पहला पूरी तरह एकीकृत निजी क्षेत्र का रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म विकसित करना है. कंपनियों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म भारतीय रेलवे और निजी ग्राहकों की बढ़ती मांग को पूरा करेगा.

1 hour ago

विदेशी निवेशकों के लिए बड़ी राहत! टैक्स नियम होंगे आसान, लोकसभा में Tax Amendment Bill 2026 पेश

इस विधेयक के जरिए विदेशी निवेशकों, फंड मैनेजरों, क्लाउड कंपनियों और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों के लिए टैक्स नियमों को आसान बनाया जाएगा.

4 hours ago

L&T की विदेश में बड़ी जीत! UAE की राष्ट्रीय तेल कंपनी से मिला 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर

इस प्रोजेक्ट के तहत इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग (EPCIC) के साथ मौजूदा ऑफशोर सुविधाओं के अपग्रेडेशन का काम भी किया जाएगा.

1 hour ago