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भारत की परफॉर्मेंस पर क्‍यों फिदा हुआ IMF? कह डाली ये बात 

आईएमएफ ने कहा है कि भारत ने एक ओर जहां महामारी पूर्व लक्ष्‍यों को पार कर लिया है वहीं दूसरी ओेर महंगाई पर भी नियंत्रण पाने में बड़ी सफलता हासिल की है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारत दुनिया में तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक है. मौजूदा समय में समूची दुनिया के सभी देशों की ग्रोथ रेट काफी कम बनी हुई है वहीं अकेला भारत ही है जो 6 प्रतिशत या उससे ज्‍यादा की ग्रोथ से आगे बढ़ रहा है. अब भारत की इसी ग्रोथ पर आईएमएफ फिदा हो गया है.  आईएफएफ में भारत की मिशन ऑफ इंडिया नारा चौइरी ने कहा है कि भारत ग्रोथ के मामले में स्‍टार परफॉरमर है. वो आने वाले समय में समूची दुनिया में ग्रोथ के मामले में एक बड़ी हिस्‍सेदारी निभाने जा रहा है. 

इतनी होने जा रही है भारत की हिस्‍सेदारी 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्‍होंने कहा कि समूची दुनिया में भारत की हिस्‍सेदारी अपनी इस ग्रोथ के कारण आने वाले समय में 16 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी. उन्‍होंने कहा कि हमने पिछले कुछ समय में ये देखा है कि भारत तेजी से ग्रोथ कर रहा है. उन्‍होंने ये भी कहा कि अगर इसके साथ के देशों की ग्रोथ से इसकी तुलना करें तो वो उनके मुकाबले बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. चौइरी ने कहा कि भारत को दुनिया भर में व्‍याप्‍त मंदी का भी सामना करना पड़ रहा है बावजूद उसके वो तेजी से ग्रोथ करने वाली अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक है. 

भारत की तेज ग्रोथ की ये है वजह 
उन्‍होंने ये भी कहा कि भारत की तेज ग्रोथ के जो कारण हैं उनमें सरकार के द्वारा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर क्षेत्रों में तेजी से किए जा रहे निवेश और लॉजिस्टिक सेक्‍टर को बढ़ाया जाना भी सबसे अहम है. भारत ने महामारी के बाद तेजी से वापसी की है और महंगाई पर भी नियंत्रण पाया है. यही नहीं कई अनौपचारिक क्षेत्रों को औपचारिक भी किया जा रहा है. आईएमएफ ने कहा कि एक ओर जहां बजट घाटे को कम किया गया है वहीं दूसरी ओर डेब्‍ट को कम करने को लेकर भी काम किया जा रहा है. 

नीतियों का स्‍पष्‍ट होना बेहद जरूरी 
आईएमएफ ने कहा कि राजनीतिक मोर्चे पर अगर देखा जाए तो 2024 में चुनाव होने जा रहे हैं. ऐसे में सबसे अहम बात ये है कि सरकार पॉलिसीऔर गवर्नेंस को लेकर बेहद स्‍पष्‍ट है. उन्‍होंने कहा कि हालांकि उनके पास किसी तरह का कोई क्‍वांटिटेटिव एनॉलिसिस नहीं है लेकिन सबसे अहम ये है कि पहले से ही इसी तरह के रिसर्च हैं जो राजनीतिक स्थिरता की ओर इशारा करते हैं. 

ये भी पढें: Bharat से 4,201 किमी दूर हो रहे हूती विद्रोहियों के हमले, फिर क्यों बढ़ रही देश की चिंता?


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