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आखिर क्यों हो रहा है इतना गोल्ड इंपोर्ट, कैसे तीन गुना तक बढ़ गया आंकड़ा?
दुनिया में कई जगह इस वक्त ऐसी परिस्थितियां चल रही हैं जिसने देशों को अलर्ट मोड पर डाला हुआ है. गोल्ड को हमेशा ही करेंसी के विकल्प के तौर पर देखा जाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
हाल ही में खबर आई थी कि चीन बड़े पैमाने पर गोल्ड की खरीद कर रहा है. चीन गोल्ड की इस स्तर पर खरीद कर रहा है कि उसके दामों में ही इजाफ हो गया. लेकिन अब भारत की गोल्ड खरीद के आंकड़ों के सामने आने के बाद ये साफ हो गया है कि अकेला चीन ही नहीं बल्कि भारत भी गोल्ड की बड़ी खरीद कर रहा है. कॉमर्स मंत्रालय के आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले साल अप्रैल से इस अप्रैल के आंकड़ों की तुलना करें तो दिखाई देता है कि कैसे गोल्ड खरीद के आंकड़ों में इजाफा हुआ है और आंकड़े कहां पहुंच गए हैं.
चीन ने खरीदा इतना कि बढ़ गई सोने की कीमत
जानकारों का मानना है कि गोल्ड की ज्यादा खरीद किसी भी देश के लिए अच्छा है. दरअसल पिछले कुछ समय में जिस तरह से जियो पॉलिटिकल परिस्थितियां बदली हैं उसके बाद हर देश करेंसी के विकल्प के तौर अपने पास सोने के भंडार को रखना चाहता है. कुछ ऐसा ही कदम चीन ने उठाया है. चीन ने गोल्ड खरीदन की अपनी इस पॉलिसी को ऐसे समय में भी बनाए रखा जब सोना महंगा बिक रहा था. इजराइल फिलिस्तीन युद्ध के समय हमने देखा कि गोल्ड के दाम किस तरह से बढ़े थे. उस समय इंटरनेशनल बाजार में सोने की कीमत 2300 डॉलर प्रति औंस थी लेकिन चीन ने इतना खरीदा कि उसकी कीमत बढ़ गई और वो 2400 डॉलर जा पहुंची थी.
भारत के गोल्ड इंपोर्ट में हुआ है लगभग तीन गुना इजाफा
भारत के गोल्ड इंपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022-23 में अप्रैल महीने में ये 1.01 बिलियन डॉलर रहा था, जब उसके मई में 3.69 बिलियन डॉलर, जून में 5.00 बिलियन डॉलर, जुलाई में 3.50 बिलियन डॉलर, अगस्त में 4.94 बिलियन डॉलर, सितंबर में 4.11 बिलियन डॉलर, अक्टूबर में 7.23 बिलियन डॉलर, नवंबर में 3.45 बिलियन डॉलर, दिसंबर में 3.03 बिलियन डॉलर, जनवरी में 1.91 बिलियन डॉलर, फरवरी में 6.15 बिलियन डॉलर, मार्च में 1.53 बिलियन डॉलर, और अप्रैल में 3.11 बिलियन डॉलर रहा है. यानी पिछले मार्च और इस मार्च के आंकड़ों पर नजर डालें तो वो लगभग तीन गुना है.
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आखिर क्या है इसकी वजह?
इसकी वजह के बारे में पूछे जाने पर कॉमर्स सेक्रेट्री संजय बर्थवाल ने कहा कि गोल्ड की खरीद को तीन लोग करते हैं. उसकी खरीद सेंट्रल बैंक से लेकर कारोबारी और आम आदमी करता है. ऐसे में उनका कहना है कि ये आंकड़े कोई चौंकाने वाले इसलिए नहीं है क्योंकि गोल्ड पिछले साल के मुकाबले उतना ही इंपोर्ट हुआ है लेकिन दाम बढ़ने के कारण इंपोर्ट का दाम बढ़ गया है.
क्या कह रहे हैं IBJA के सेक्रेट्री?
देश में सभी ज्वैलरों की एसोसिएशन IBJA(indian Bullion Jwellery Association) के सेक्रेट्री सुरेन्द्र मेहता कहते हैं कि हम जो मंथली आंकड़ों की तुलना कर रहे हैं उसमें ऐसी कोई चौंकाने वाली बात नहीं है. पिछले साल अप्रैल 2023 में जब दाम बढ़ रहे थे उस वक्त लोग इंपोर्ट नहीं कर रहे थे. लेकिन अब सभी को पता चल गया है कि इसके प्राइसेस बढ़ने वाले हैं. सबसे खास बात ये है कि उस वक्त की स्थिति पर नजर डालें तो उतनी जियोपॉलिटिकल टेंशन कम नहीं हो रहा है. ब्रिक्स नेशन भी अपनी करेंसी लाने की तैयारी कर रहे हैं. अगर ट्रंप जीत जाएंगे तो और सख्ती हो सकती है. अभी हम देख रहे हैं कि एक ओर इजराइल फिलिस्तीन का युद्ध चल रहा है वहीं रूस रूक्रेन के बीच भी तनाव बना हुआ है. ये उस अप्रैल में नहीं थी जो इस अप्रैल में आ गई हैं. लेकिन हो सकता है उसके आगे पीछे के महीनों में ज्यादा इंपोर्ट हुआ हो.
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