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भारत के लिए हर तरफ से गुड न्यूज, फिर शेयर बाजार से पैसा क्यों निकाल रहे विदेशी निवेशक? 

विदेशी निवेशक हमारे शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं और बाजार धड़ाम हो रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

शेयर बाजार (Stock Market) में आज हाहाकार मचा हुआ है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ही बाजार बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. मार्केट में आई इस गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों का बिकवाल बनना भी है. फॉरेन इन्वेस्टर्स पिछले कुछ समय से लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, नतीजतन बाजार में नरमी बनी हुई है. यहां गौर करने वाली बात ये है कि भारतीय अर्थव्यस्था में मजबूती बरकरार है. तमाम ग्लोबल एजेंसियां हमारी GDP के तेजी से बढ़ने की संभावना जता रही हैं. ऐसे में यह सवाल लाजमी हो जाता है कि फिर विदेशी निवेशकों को ऐसा क्या डर सता रहा है कि वो इंडियन स्टॉक मार्केट से पैसा निकाल रहे हैं?   

अब तक निकाले इतने
एक रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने मई के पहले 10 दिन में ही भारतीय शेयर बाजार से 17,000 करोड़ रुपए से अधिक की निकासी की है. इससे पहले अप्रैल में FPIs ने 8,700 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की थी. इस लिहाज से देखें, तो पिछले महीने से ज्यादा निकासी विदेशी निवेशक इस महीने के 10 दिनों में ही कर चुके हैं. यदि निकासी की यही रफ्तार कायम रहती है, तो मई में बाजार को बड़ा झटका लग सकता है. बता दें कि हमारे शेयर बाजार की चाल काफी हद तक विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करती है.  

मार्च में भी बने थे बिकवाल
एफपीआई ने मार्च में शेयर बाजार में 35,098 करोड़ और फरवरी में 1,539 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी. यानी उन्होंने इतना पैसा बाजार से निकाला था. इस महीने की 10 तारीख तक एफपीआई ने ऋण या बॉन्ड बाजार से भी 1,602 करोड़ रुपए निकाले हैं. जबकि उन्होंने मार्च में बॉन्ड बाजार में 13,602 करोड़, फरवरी में 22,419 करोड़ और जनवरी में 19,836 करोड़ रुपए का निवेश किया था. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, विदेशी निवेशाकों को भारत की अर्थव्यस्था की मजबूती पर कोई शक नहीं है, उनके बिकवाल बनने का दूसरा कारण  है. 

ये है बिकवाली की वजह
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में इस समय लोकसभा चुनाव चल रहे हैं. भले ही इसके परिणामों को लेकर ज़्यादातर रुझान एक तरफ ही नजर आ रहे हों, लेकिन असली तस्वीर परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगी. इसलिए विदेशी निवेशक इस समय मुनाफावसूली के मोड में हैं. वह अगले महीने चुनाव परिणाम आने के बाद ही भारतीय बाजार में बड़ी खरीदारी करेंगे. यह लगभग मानकर चला जा रहा है कि यदि सत्ता परिवर्तन होता है, तो बाजार में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है, ऐसे में FPIs सतर्क रुख अपना रहे हैं. हालांकि, नतीजे अनुकूल रहने और राजनीतिक स्थिरता की स्थिति में वे बड़ा निवेश कर सकते हैं.  
 


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