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चुनावी मौसम में हर दिन 1800 करोड़ की बिकवाली, विदेशी निवेशकों को आखिर हुआ क्या है?

विदेशी निवेशक लगातार बिकवाल बने हुए हैं. मंगलवार को भी उन्होंने भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) का बिगुल बजने के बाद से शेयर बाजार (Stock Market) में उतार-चढ़ाव जारी है. इसकी एक बड़ी वजह है विदेशी निवेशकों का लगातार बिकवाल बने रहना. एक रिपोर्ट के अनुसार, 19 अप्रैल को आम चुनाव की शुरुआत के बाद से विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बाजार से अब तक 37,700 करोड़ रुपए निकाल चुके हैं. पिछले 21 कारोबारी सत्रों के दौरान, उन्होंने हर दिन औसतन 1800 करोड़ रुपए की बिकवाली की है. कल यानी मंगलवार को भी उन्होंने शुद्ध रूप से 1,874.54 करोड़ रुपए की कीमत के शेयर बेच डाले.

घरेलू निवेशकों ने दिया सहारा
बाजार के लिए अच्छी बात यह है कि इस दौरान घरेलू निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी है. पिछले 21 कारोबारी सत्रों के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 60,000 करोड़ रुपए शेयर बाजार में लगाए हैं. यदि घरेलू निवेशक भी FIIs की तरह बिकवाल बन जाते, तो स्टॉक मार्केट में सुनामी आ गई होती.  घरेलू निवेशक, विदेशी निवेशकों की ओर से की जा रही बिकवाली के कारण उत्पन्न हुए दबाव को काफी हद तक कम करने में सफल रहे हैं. बता दें कि भारतीय शेयर बाजार लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर रहा है. 5 ट्रिलियन डॉलर के करीब बाजार पूंजीकरण तक पहुंचने से भारत, UAE और चीन जैसे देशों के एक विशिष्ट समूह का हिस्सा बन गया है. इससे निवेशकों का बाजार पर भरोसा बढ़ा है और वे उतार-चढ़ाव के बावजूद खरीदारी कर रहे हैं.

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विदेशी निवेशकों को ये है डर
ऐसे में सवाल यह है कि आखिर विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाली क्यों कर रहे हैं? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी निवेशक लोकसभा चुनाव को लेकर अलर्ट मोड में हैं. वह कोई जोखिम मोल नहीं लेना चाहते, इसलिए निवेश के बजाए फिलहाल बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. दरअसल, विदेशी निवेशक 2004 के लोकसभा चुनावों जैसा रिस्क नहीं लेना चाहते. उस समय अनुमानों के विपरीत कांग्रेस के नेतृत्व वाले UPA गठबंधन ने जीत दर्ज की थी. इस वजह से शेयर बाजार में एक ही दिन में 15% गिर गया था. FIIs ऐसी अनिश्चितता से बचना चाहते हैं. जानकारों के अनुसार, भारतीय बाजार में नरमी का फायदा चीन को मिल रहा है. हॉन्गकॉन्ग के हेंगसेंग इंडेक्स में पिछले एक महीने में 16% का उछाल आया है. 


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