✕

होम / बिजनेस / कंगाल हो चुकी रेवलॉन को क्यों खरीदना चाहते हैं मुकेश अंबानी?

कंगाल हो चुकी रेवलॉन को क्यों खरीदना चाहते हैं मुकेश अंबानी?

रिलायंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी अमेरिका की कॉस्मेटिक्स कंपनी रेवलॉन (Revlon) को खरीद सकते हैं. बाजार सूत्रों के अनुसार, अंबानी ने कंपनी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

रिलायंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी अमेरिका की कॉस्मेटिक्स कंपनी रेवलॉन (Revlon) को खरीद सकते हैं. बाजार सूत्रों के अनुसार, अंबानी ने कंपनी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. अरबपति कारोबारियों के लिए अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए यह आम रणनीति है, लेकिन जिस Revlon को अंबानी खरीदना चाहते हैं वो कंगाल हो चुकी है. 90 साल पुरानी इस कंपनी ने बैंकरप्सी के लिए आवेदन कर दिया है. तो ऐसी क्या वजह है जो मुकेश अंबानी को इस कंपनी को खरीदने के लिए प्रेरित कर रही है?

अभी कौन है Revlon का मालिक?
अंबानी की रणनीति समझने से पहले, Revlon की मौजूदा स्थिति को समझते हैं. लिपस्टिक जैसे कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट्स बनाने वाली इस कंपनी का मालिकाना हक अरबपति कारोबारी Ron Perelman के पास है. रेवलॉन भारी-भरकम कर्जे में डूब चुकी है. मार्च के मध्य तक कंपनी पर 3.31 अरब डॉलर का कर्ज था. Ron Perelman ने काफी समय तक अपनी दूसरी कंपनियों की मदद से Revlon को वित्तीय संकट से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे. ऐसे में अब उन्होंने बैंकरप्सी के लिए आवेदन किया है.  

क्यों बिगड़ी आर्थिक सेहत?
बाजार में रेवलॉन के 15 से ज्यादा ब्रैंड हैं, जिनकी करीब 150 देशों में बिक्री होती है. जब कंपनी ने कॉस्मेटिक्स प्रोडक्ट्स के सेक्टर में कदम रखा, उस वक्त इस क्षेत्र में ज्यादा कॉम्पिटीशन नहीं था. लेकिन समय के साथ-साथ नई-नई कंपनियां बाजार में आती गईं और रेवलॉन की राह मुश्किल हो गई. इस कंपनी को सेलेब्रिटीज़-बैक्ड ब्रांड ने भी काफी नुकसान पहुंचाया. जैसे अमेरिकी सिंगर  Kylie Jenner का  Kylie Cosmetics और  Rihanna का  Fenty Beauty ब्रांड. इसके अलावा, कोरोना महामारी ने कंपनी की रही-सही उम्मीदों को भी ध्वस्त कर दिया. बढ़ती महंगाई और डिमांड-सप्लाई के मोर्चे पर भी कंपनी को काफी नुकसान उठाना पड़ा. जिसके कारण अब रेवलॉन कंगाल हो गई है.         

ये है अंबानी की दिलचस्पी की वजह
अब बात करते हैं मुकेश अंबानी की रेवलॉन में दिलचस्पी की. भारत में ब्यूटी और पर्सनल केयर का कारोबार काफी बड़ा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2021 में ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर से सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने के मामले में दुनियाभर में चौथे नंबर पर रहा. अगर इस सेक्टर के मार्केट साइज़ की बात करें तो यह करीब एक ट्रिलियन रुपए का है, जिसके 2025 तक दोगुना होने की उम्मीद है. यानी अंबानी को एक बड़ा बाज़ार और मोटा मुनाफा नज़र आ रहा है. इसलिए वह रेवलॉन को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.

नायका ने किया प्रभावित
यदि रिलायंस इंडस्ट्री प्रमुख इस डील को सील कर देते हैं, तो उन्हें रेवलॉन के रूप में एक बना-बनाया मार्केट मिलेगा, जिसमें बस उन्हें थोड़ा सुधार करना होगा और अंबानी इस काम में माहिर हैं. ब्यूटी और फैशन रिटेलर नायका (Nykaa)  ने जिस तरह से मार्केट पर अपनी पकड़ बनाई है, उसने अंबानी जैसे बिजनेसमैन को प्रभावित किया है. हालांकि, FY22 के Q3 में कंपनी के मुनाफे में कमी आई है, लेकिन उसका ट्रैक रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है. नायका का आईपीओ भी ज़बरदस्त हिट रहा था. यही वजह है कि मुकेश अंबानी को इस क्षेत्र में ज़बरदस्त संभावनाएं नज़र आ रही हैं.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

6 hours ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

6 hours ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

10 hours ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

10 hours ago

दो सप्ताह में करीब 3.9 अरब डॉलर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, 717 अरब डॉलर पर आया

RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 2.6 अरब डॉलर घटकर 717 अरब डॉलर रह गया. इससे पिछले सप्ताह भी इसमें करीब 1.27 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी.

11 hours ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

1 day ago

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

6 hours ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

6 hours ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

10 hours ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

10 hours ago