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NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग
NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 12 minutes ago
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और इंटीग्रेटेड गोल्ड प्लेटफॉर्म ऑगमोंट (Augmont) की साझेदारी में शुरू हुए इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट ने पहले ही दिन अच्छा प्रदर्शन किया है. शुक्रवार, 6 नवंबर को इस सेगमेंट में लाइव ट्रेडिंग के पहले दिन कुल 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ. NSE के रात 10 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, एक्सचेंज पर कुल 2,27,444 EGR कॉन्ट्रैक्ट्स का कारोबार हुआ.
यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड मार्केट के विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. गौरतलब है कि NSE ने इसी साल 18 मई को EGR में लाइव ट्रेडिंग शुरू की थी.
NSE और Augmont के संयुक्त बयान के अनुसार, पहले दिन बाजार में कीमतों का निर्धारण व्यवस्थित तरीके से हुआ. कारोबार के दौरान EGR की कीमतें 1,450.50 रुपये से 1,465 रुपये के सीमित दायरे में रहीं.
NSE-Augmont की साझेदारी से मजबूत होगा गोल्ड ट्रेडिंग इकोसिस्टम
देश में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) इकोसिस्टम को मजबूत करने और एक्सचेंज के जरिए नियंत्रित स्पॉट गोल्ड मार्केट विकसित करने के लिए NSE ने Augmont Enterprises के साथ साझेदारी की है.
इस सहयोग के तहत NSE अपने एक्सचेंज इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा, जबकि Augmont इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट बनाने, उन्हें भुनाने, लिक्विडिटी उपलब्ध कराने, डिलीवरी और कीमतों के निर्धारण से जुड़ी सेवाओं में सहयोग करेगा.
इस व्यवस्था के तहत Augmont EGR के निर्माण, वॉल्ट में सोना रखने, रिडेम्पशन और लिक्विडिटी से जुड़े इकोसिस्टम को संभालेगा. वहीं, NSE ट्रेडिंग के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा. इस पहल का उद्देश्य सोने के कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों को संगठित एक्सचेंज आधारित बाजार में भागीदारी का अवसर देना है.
EGR के जरिए फिजिकल गोल्ड का इलेक्ट्रॉनिक स्वामित्व
इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) के तहत प्रत्येक रिसीट 100 मिलीग्राम फिजिकल गोल्ड का प्रतिनिधित्व करती है. इसके बदले का वास्तविक सोना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से नियंत्रित वॉल्ट में सुरक्षित रखा जाता है.
निवेशक अपने डीमैट अकाउंट के जरिए EGR की खरीद-बिक्री कर सकते हैं. इसका तरीका शेयरों में ट्रेडिंग करने जैसा है. इसके अलावा, लागू नियमों और प्रक्रियाओं के तहत निवेशक अपने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड को फिजिकल सोने में भी बदल सकते हैं.
इस सेगमेंट में T+1 सेटलमेंट व्यवस्था लागू है. यानी जिस दिन कारोबार किया जाता है, उसके अगले कारोबारी दिन लेनदेन का निपटान एक्सचेंज की निर्धारित क्लियरिंग और सेटलमेंट व्यवस्था के जरिए होता है.
इस प्लेटफॉर्म पर 995 और 999 शुद्धता सहित अलग-अलग शुद्धता मानकों में गोल्ड रिसीट उपलब्ध हैं. छोटी मात्रा में गोल्ड रिसीट की उपलब्धता से उन निवेशकों को भी इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड में निवेश का अवसर मिलने की उम्मीद है, जो कम मात्रा में सोना खरीदना चाहते हैं.
बाजार में EGR की स्वीकार्यता बढ़ाने पर Augmont का जोर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी नए बाजार सेगमेंट के लिए शुरुआती कारोबार की मात्रा, लगातार खरीद और बिक्री के भाव उपलब्ध होना और कीमतों का व्यवस्थित तरीके से तय होना महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं.
उनका मानना है कि यह पहल फिजिकल गोल्ड को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने के साथ ही भारत के औपचारिक वित्तीय इकोसिस्टम से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है. Augmont कीमती धातुओं के कारोबार की पूरी वैल्यू चेन में काम करती है. कंपनी का कारोबार गोल्ड रिफाइनिंग, होलसेल ट्रेडिंग, डिजिटल गोल्ड, ज्वेलरी, गोल्ड के बदले कर्ज और रिटेल सेवाओं तक फैला हुआ है.
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