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हफ्ते में पहले दिन की तेजी के क्या हैं मायने, कैसा रहेंगे आने वाले दिन?
हफ्ते के पहले दिन सेंसेक्स 99 अंक या 0.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,724.71 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 38 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,601.50 पर बंद हुआ.
ललित नारायण कांडपाल 2 years ago
पिछले हफ्ते 2 दिन की लगातार गिरावट के बीच देश में अप्रैल के आईआईपी (औद्योगिक उत्पादन सूचकांक) और मई सीपीआई (उपभोक्ता मूल्य) सहित प्रमुख मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा जारी होने से पहले सोमवार (12 जून) को सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिली. ज्यादातर सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बावजूद, घरेलू बाजार सीमित दायरे में रहा क्योंकि निवेशक आगामी व्यापक आर्थिक संकेतकों और यूएस फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के आगामी नतीजों के कारण सावधानी बरतता हुआ दिखाई दिया. पिछले महीने जारी हुए अमेरिकी बाजार के कई आंकड़ों के बीच सेंसेक्स 62,625.63 के पिछले बंद के मुकाबले आज 34 अंक बढ़कर 62,659.98 पर खुला और 179 अंक बढ़कर 62,804.89 के उच्च स्तर पर पहुंच गया. सूचकांक 99 अंक या 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62,724.71 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 38 अंक या 0.21 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,601.50 पर बंद हुआ. मिड और स्मॉलकैप ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करते हुए बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.54 फीसदी चढ़ा जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.72 फीसदी की तेजी दर्ज की गई.
बाजार में कितना हुआ इजाफा
बीएसई-सूचीबद्ध फर्मों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र में ₹286.7 लाख करोड़ से बढ़कर ₹288 लाख करोड़ तक हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सत्र में ₹1.3 लाख करोड़ का लाभ हुआ. बीईएल, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स - डीवीआर, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, टीवीएस मोटर कंपनी और एस्ट्रल उन 245 शेयरों में शामिल थे, जिन्होंने बीएसई पर इंट्राडे ट्रेड में अपने नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर को छुआ.
फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले तेल की कीमतों में गिरावट
इस बीच, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले दुनियाभर के बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की आशंका है. इसके अलावा, चीन की ईंधन मांग और रूस से कच्चे तेल की बढ़ती आपूर्ति के बारे में आशंकाओं ने भी तेल बाजार पर दबाव डाला. ब्रेंट क्रूड दो फीसदी गिरकर 73 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है. दूसरी ओर भारतीय रुपया में तेजी देखने को मिली और वो तीन पैसे की तेजी के साथ 82.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
निफ्टी पर क्या रहा असर
बाजार में निफ्टी पर पर नजर डालें तो वो निफ्टी 50 इंडेक्स में 32 शेयर ग्रीन सिग्नल पर बंद हुए. इनमें बीपीसीएल में 3.32 फीसदी बढ़त, एचसीएल में टेक 2.53 फीसदी बढ़त और इंफोसिस में 2.11 फीसदी ऊपर के शीर्ष लाभ के साथ बंद हुए. दूसरी ओर, पावर ग्रिड में 1.29 प्रतिशत की गिरावट, लार्सन एंड टुब्रो में 0.97 प्रतिशत और सिप्ला में 0.90 प्रतिशत, की गिरावट देखने को मिली.
वहीं अगर सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर में 1.51 फीसदी की बढ़त, रियल्टी में 1.41 फीसदी बढ़त और मीडिया में1.13 फीसदी बढ़त के साथ बाजार बंद हुआ.
निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.85 फीसदी ऊपर और मेटल में 0.61 फीसदी की बढ़त देखने को मिली. वहीं निफ्टी के जिन शेयरों में गिरावट देखने को मिली उनमें बैंक में 0.10 फीसदी की गिरावट, फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.06 फीसदी की गिरावट, फार्मा में 0.04 फीसदी की गिरावट, प्राइवेट बैंक में 0.03 फीसदी की गिरावट और हेल्थकेयर में 0.02 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.
बाजारों पर विशेषज्ञ के विचार
वहीं आने वाले हफ्ते को लेकर बाजार के जानकारों की अपनी राय है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जानकारों का मानना है कि घरेलू सूचकांक सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि निवेशक घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में डेटा-लोडेड सप्ताह की ओर बढ़ रहे हैं. हालांकि, उम्मीदें आशावादी है. आने वाले दिनों सीपीआई डेटा से लेकर कई दूसरे तरह के नतीजों का सामने आना बाकी है. इनमें केंद्र स्तर पर घरेलू आईआईपी, डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति, और ईसीबी से नीतिगत घोषणाएं हैं.
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