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क्या है शेयर मार्केट को डुबोने वाला इंडिया VIX, इससे क्यों डर रहे निवेशक?

वॉलिटिलिटी इंडेक्स (India VIX) के लगातार बढ़ने से निवेशकों में डर बैठ रहा है, क्योंकि छोटे निवेशक मार्केट का उतार चढ़ाव नहीं देखना चाहते.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

शेयर मार्केट में लगातार आ रही गिरावट से निवेशक कुछ परेशान हो गए हैं.  हालांकि यह गिरावट हाई लेवल से प्रॉफिट बुकिंग और फ्रेश बिक्री दोनों को मिलाकर हुई है और डाउन सपोर्ट लेवल पर बाजार में खरीदारी नहीं आई, इसीलिए निफ्टी ने गुरुवार को 22000 के लेवल से नीचे जाकर क्लोज़ किया. वहीं, शुक्रवार को निफ्टी 22,055.20 पर क्लोज हुआ. 

क्या है वॉलिटिलिटी इंडेक्स?
इंडिया VIX के लगातार बढ़ने से निवेशकों में डर बैठ रहा है, क्योंकि छोटे निवेशक मार्केट का उतार चढ़ाव नहीं देखना चाहते. हालांकि बढ़ी हुई वॉलिटिलिटी में कुछ स्टॉक अच्छे भाव पर कैच करने वाले निवेशक भी बाजार में हैं.  आपको बता दें, एनएसई (NSE) ने शॉर्ट-टर्म मार्केट अस्थिरता और स्विंग के बारे में इंवेस्टर की अपेक्षाओं को ट्रैक करने के लिए 2003 में इंडिया वोलेटिलिटी इंडिकेटर (VIX) डेवलप किया. अस्थिरता इंडेक्स का इस्तेमाल मार्केट की अस्थिरता की अपेक्षाओं को निर्धारित करने के लिए किया जाता है. अस्थिरता "कीमतों में उतार-चढ़ाव की दर और परिवर्तन" को मापती है, जिसे वित्तीय बाजारों में "जोखिम" भी कहा जाता है. एक बढ़ता अस्थिरता इंडेक्स दर्शाता है कि बाजार कितना अस्थिर है और यह कितनी बार ऊपर और नीचे चलता है. इसके अतिरिक्त जैसा कि बाजार की स्थिति स्थिर और कम अस्थिर हो जाती है, अस्थिरता सूचकांक कम हो जाता है. इस इंडेक्स के अनुसार इन्वेस्टर अगले 30 दिनों में मार्केट परफॉर्म करने की अपेक्षा करते हैं.

इसकी गणना कैसे होती है?
अस्थिरता सूचकांक के रूप में भी जाना जाने वाला इंडिया VIX की गणना इंडेक्स विकल्पों की ऑर्डर बुक्स को देखकर और इसे प्रतिशत के रूप में व्यक्त करके की जाती है. दूसरी ओर, मूल्य सूचकांक, स्टॉक की कीमत के मूवमेंट पर विचार करता है. इंडिया VIX की गणना ब्लैक और स्कोल मॉडल का उपयोग करके की जाती है, जिसे ब्लैक और स्कोल मॉडल भी कहा जाता है. भारत VIX की गणना करने के लिए, एनएसई के भविष्य और विकल्पों (F&O) के बाजार से कोटेशन का उपयोग किया जाता है.

लॉन्ग टर्म इंवेस्टर के लिए खरीदी का मौका
मार्केट के बारे में कहा जाता है कि जब बाजार में दूसरे लोग डरने लगें तो आप खरीदिये और जब दूसरे मार्केट में लालच करने लगें तो आपको बेचना चाहिए. बाजार के एक्सपर्ट्स ने कहा कि बढ़ी हुई वॉलिटिलिटी की यह अवधि शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव वाली है, जो लॉन्ग टर्म इंवेस्टर को खरीदारी के मौके देती है.

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बाजार पर चुनाव का दबाव
एक्सपर्ट्स के अनुसार लोकसभा चुनाव नतीजों पर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार दबाव में है. इंडिया VIX (वॉलिटिलिटी इंडेक्स) अप्रैल के न्यूनतम स्तर से लगभग 80 प्रतिशत उछल गया है.

9 महीने के निचले स्तर के बाद मारी उछाल
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिया VIX स्पाइक बताता है कि हाई वॉलिटिलिटी कुछ समय तक बनी रहेगी. स्पाइक ऑप्शन ट्रेड की बढ़ती मात्रा के कारण है. कई निवेशक चुनाव परिणाम को लेकर अप्रत्याशित स्थिति में अपने पोर्टफोलियो की सुरक्षा के लिए पुट ऑप्शन खरीद रहे हैं. इंडिया VIX 23 अप्रैल को नौ महीने के निचले स्तर 10.2 से शुक्रवार 10 मई को 18.47 पर पहुंच गया. अक्टूबर 2022 के बाद इंडिया VIX का यह हाईएस्ट नंबर है


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