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14,000 करोड़ रुपयों का इन्वेस्टमेंट करेगी संकट में फंसी Vodafone Idea!

अपने बिजनेस को बेहतर करने के लिए वोडाफोन इंडिया आने वाले समय में इक्विटी में 14,000 करोड़ रूपए इन्वेस्ट करने के बारे में विचार कर रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारतीय टेलिकॉम सेक्टर में इस वक्त काफी ज्यादा मुकाबला देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ मार्केट में Jio और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) की डुओपोली बनी हुई है वहीं वोडाफोन आईडिया (Vodafone Idea) को अपना नेटवर्क बढ़ाने के लिए पैसे की कमी के साथ-साथ यूजर्स की संख्या में भी कमी देखने को मिल रही है जिसकी वजह से कंपनी संकट के दौर में है. लेकिन अब खबर आ रही है कि वोडाफोन जल्द ही अपने बिजनेस को बेहतर करने के लिए 14,000 करोड़ रूपए का इन्वेस्टमेंट करने जा रही है. 

क्या है पूरा मामला?
अपने बिजनेस को बेहतर करने के लिए वोडाफोन इंडिया आने वाले समय में इक्विटी में 14,000 करोड़ रूपए इन्वेस्ट करने के बारे में विचार कर रही है. मामले से जुड़े लोगों की मानें तो कंपनी के इस प्रस्ताव में पहले से मौजूद आदित्य बिरला ग्रुप (Aditya Birla Group) और ब्रिटेन स्थित वोडाफोन ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड कॉर्पोरशन जैसे प्रमोटर्स भी मौजूद हैं और ये प्रमोटर्स ही कुल रकम का आधा हिस्सा देंगे. कंपनी द्वारा इस महीने की शुरुआत में सरकार के सामने पेश किए गए प्लान की मानें तो आदित्य बिरला ग्रुप और वोडाफोन ग्रुप कंपनी में नए सिरे से 2000 करोड़ रूपए की इक्विटी इन्वेस्ट करने के लिए तैयार हैं. 

बिजनेस फिर से ट्रैक पर लाने की कोशिश
सितंबर 2021 में सरकार द्वारा टेलिकॉम रिवाइवल पैकेज प्रदान करने के बाद से प्रमोटर्स ग्रुप में 5000 करोड़ रूपए की कीमत वाली इक्विटी इन्वेस्ट कर चुके हैं. अपने बिजनेस को फिर से ट्रैक पर लाने के लिए प्रमोटर्स ने कंपनी के साथ मिलकर डायरेक्ट इक्विटी या फिर कनवर्टिबल स्त्रोतों के माध्यम से अतिरिक्त 7000 करोड़ रूपए की राशि इकट्ठा करने की रणनीति बनाई है. 15 फरवरी को यह बताया गया था कि वोडाफोन इंडिया में 18% की हिस्सेदारी रखने वाला आदित्य बिरला ग्रुप, प्रमोटर इक्विटी के लिए नए सिरे से फंड्स इकट्ठा करने के मकसद से विदेशी बैंकों से बात कर रहा था.

कंपनी ने कम किया अपना कर्ज
मामले से जुड़े एक स्त्रोत ने बताया कि वोडाफोन इंडिया ने बैंकों से लिए गए अपने कर्ज को 40,000 करोड़ रूपए से कम करके लगभग 12,000 करोड़ रूपए कर लिया है. इसके साथ ही कंपनी ने उधारदाताओं से आग्रह किया है कि प्रमोटर्स द्वारा प्रदान करवाई गई इक्विटी के बदले वह कंपनी को फंड्स प्रदान करें. एनालिस्टों का मानना है कि वोडाफोन को वित्त वर्ष 26 में 25,000 करोड़ रुपयों की कैश कटौती का सामना करना पड़ सकता है.
 

यह भी पढ़ें: सरकार जल्द लाएगी 8वां वेतन आयोग, जानिए कितनी बढ़ेगी सैलरी?

 


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