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Vedanta ने ओएफएस से जुटाए 3200 करोड़, जानें इन पैसों से क्या करेगी कंपनी?
वेदांता ऑफर फॉर सेल से हासिल रकम का इस्तेमाल अपनी बैलेंस शीट को दुरुस्त करने और ग्रोथ परियोजनाओं के निवेश में करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वेदांता लिमिटेड ने अपनी सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) के शेयरों की बिक्री पेशकश से करीब 3,200 करोड़ रुपये जुटाए हैं. वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक के शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) को रिटेल एवं संस्थागत निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला है. OFS से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपने बही-खाते को दुरुस्त करने और अपनी विस्तार परियोजनाओं में निवेश के लिए करेगी. इसके पहले कंपनी ने पिछले महीने 8500 करोड़ रुपये जुटाए थे.
जुटाए गए पैसों से क्या करेगी कंपनी?
वेदांता लिमिटेड ओएफएस के जरिए जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपने बही-खाते में सुधार लाने और अपने एक्सपेंशन प्लान में निवेश के लिए करेगी. पिछले महीने पात्र संस्थागत आवंटन से जुटाई गई 8,500 करोड़ रुपये की राशि को मिलाकर वेदांता समूह और एचजेडएल दोनों का कर्ज कम करने में मदद मिलेगी. खुदरा निवेशकों के लिए बेस इशू साइज 51.44 लाख शेयरों का था जबकि कुल 93.82 लाख शेयरों की खरीद हुई.
वेदांता की हिस्सेदारी घटकर 63.42 प्रतिशत हुई
सूत्रों के मुताबिक, संस्थागत निवेशकों के लिए 4.62 करोड़ शेयर निर्धारित किए गए थे जबकि कुल संस्थागत खरीद 6.36 करोड़ शेयरों की हुई. वेदांता ने बीएसई को दी सूचना में कहा कि 16-19 अगस्त तक चली ओएफएस प्रक्रिया के बाद हिंदुस्तान जिंक में वेदांता की शेयरहोल्डिंग अब घटकर 63.42 प्रतिशत रह गई है.
वेदांता की 6 कंपनियों का होगा डीमर्जर!
सूत्रों ने बताया कि इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए बेस इश्यू 4.62 करोड़ शेयर था, जबकि कुल इंस्टीट्यूशनल सब्सक्रिप्शन 6.36 करोड़ या 1.4 गुना है. सूत्रों के मुताबिक, OFS के जरिये 6.36 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई. कंपनी का प्रस्तावित डीमर्जर पर भी पटरी पर है. इसके तहत वेदांता के मौजूदा बिजनेस का 6 स्वतंत्र लिस्टेड कंपनियों में डीमर्जर होगा. इसमें एल्युमीनियम, ऑयल एंड गैस, पावर, स्टील और फेरस मेटल, बेस मेटल और अन्य मौजूदा बिजनेस शामिल हैं.
जून तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट
जून तिमाही में वेदांता का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 36.5 पर्सेट की बढ़ोतरी के साथ 3,606 करोड़ रुपये रहा. एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 2,640 करोड़ रुपये था. इस दौरान कंपनी का इनकम 34,279 करोड़ रुपये से बढ़कर 36,698 करोड़ रुपये हो गई. माइनिंग कंपनी ने पिछले महीने 19.31 करोड़ इक्विटी शेयरों के क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिये 8,500 करोड़ रुपये जुटाए थे.
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