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विकास की ओर भारत का एक और कदम, 'वन्दे भारत' को लेकर यह है नई प्लानिंग
मौजूदा समय में चलने वाली दूसरी मालगाड़ियां 100 किमी. प्रति घंटा से ऊपर की रफ्तार में नहीं चल पाती हैं.
ललित नारायण कांडपाल 3 years ago
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस को चार जगहों से ऑपरेट करने के बाद अब उसे फ्राइट गाड़ी के तौर पर चलाने की तैयारी कर ली है. रेलवे ने इस सेवा को फ्राइट EMU का नाम दिया है. इस गाड़ी से किसी भी कार्गो को एक जगह से दूसरी जगह सुपरफास्ट तरीके से ले जाया जा सकेगा.
160 km की रफ्तार से चलेगी वंदे भारत
मौजूदा समय में चलने वाली दूसरी मालगाड़ियां 100 किमी. प्रति घंटा से ऊपर की रफ्तार में नहीं चल पाती हैं, जिससे उन्हें एक जगह से दूसरी जगह जाने में ज्यादा समय लगता है. लेकिन वंदे भारत माल के साथ 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है. इसे paletize ट्रांसपोर्ट के हिसाब से डिजाइन किया गया है.
इसमें स्लाइडिंग डोर की है सुविधा
वंदे भारत की इस हाई स्पीड कार्गो सर्विस में कई तरह के नए फीचर हैं, जिसमें स्लाइडिंग डोर की सुविधा भी शामिल है. 1800 mm के ये डोर स्लाइडिंग सुविधा से लैस हैं, जिससे दरवाजों को आसानी से इधर से उधर किया जा सकता है और एक कोच से दूसरे कोच में आया जा सकता है.
टेम्परेचर सेंसटिव बनाए गए हैं कोच
वंदे भारत में चलाई जाने वाली फ्राइट ईएमयू के कोचों को भी टेंपरेचर सेंसिटिव बनाया गया है. यही नहीं, वंदे भारत की इस सुविधा में 16 कोच के जरिए 264 टन माल ले जाया जा सकता है.
दिल्ली-एनसीआर में चल सकती है पहली ट्रेन
रेलवे की ओर से कहा गया है कि कई पोटेंशियल ग्राहकों से बातचीत के बाद ये पहली सेवा दिल्ली-NCR के क्षेत्र में और मुंबई क्षेत्र में चलाई जा सकती है. यही नहीं, रेलवे ने अपने सभी जोन से कहा है कि वो अपने-अपने एरिया के पोटेंशियल कस्टमर से बात करें. उनसे ये भी कहा गया है कि वो अपने यहां शुरुआती ट्रेन के संचालन के लिए टर्मिनल की पहचान करें. इसके अलावा, उनसे ये भी कहा गया है कि टर्मिनल की पहचान करने के साथ इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि वहां सभी सुविधाएं मौजूद हों. जोनल रेलवे के साथ बात करके उसके संचालन के लिए टाइम टेबल का भी निर्धारण करें, जिससे ट्रेन को चलाया जा सके.
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