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त्योहारी सीजन में UPI का रिकॉर्ड, अक्टूबर में लेनदेन का आंकड़ा 23.5 लाख करोड़ रुपये पार
UPI ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शन, यानी सामान और सर्विस की शॉपिंग के लिए किए गए पेमेंट के चलते बना.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
समय के साथ पेमेंट के तरीकों में बदलाव आया है और अब एक बड़ी आबादी डिजिटल पेमेंट को प्राथमिकता देने लगी है. डिजिटल पेमेंट के तरीकों में भी UPI सबसे ज्यादा लोकप्रिय है. बीते महीने यानी अक्टूबर में तो इसने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड ही बना डाला. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में टोटल 1,658 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी टोटल वैल्यू करीब 23.5 लाख करोड़ रुपये रही. अप्रैल 2016 में UPI की शुरुआत के बाद ये आंकड़ा सबसे ज्यादा है.
30 अक्टूबर को हुए सबसे ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन
पिछले महीने ही UPI ने 15 अरब ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार किया था. पिछले महीने रोजाना औसतन 50 करोड़ के लेनदेन हुए थे. अक्टूबर में यह संख्या बढ़कर 53.5 करोड़ हो गई. 30 अक्टूबर को धनतेरस के दिन 54.6 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए, जो एक दिन में सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शंस का रिकॉर्ड है.
NPCI द्वारा संचालित अन्य पेमेंट मोड्स में Fastag ने अक्टूबर में 34.5 करोड़ ट्रांजैक्शन किए, जो साल-दर-साल 8% की वृद्धि है. फास्टैग एक ओटोमेटेड टोल पेमेंट सिस्टम है. दिलचस्प बात यह है कि बैंक आधारित रिटेल फंड ट्रांसफर मैकेनिज्म IMPS (इमीडिएट पेमेंट सर्विस) में साल-दर-साल 5% की गिरावट देखी गई, अक्टूबर में 46.7 करोड़ ट्रांजैक्शन को रिपोर्ट किया गया. यह सितंबर की तुलना में ज्यादा था. सितंबर में 43 करोड़ लेनदेन किए गए थे.
सड़के किनारे दुकानों से लेकर मॉल्स तक UPI का इस्तेमाल
UPI देश में कम छोटे पेमेंट करने के लिए भी पॉपुलर हो रहा है. सड़क किनारे लगी दुकानों से लेकर बड़े-बड़े मॉल्स और स्टोर्स पर भी पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल किया जाता है. यह ज्यादा से ज्यादा बैंक इकोसिस्टम में शामिल हो रहा है. NPCI के आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर तक 622 बैंक पेमेंट नेटवर्क पर लाइव हैं, जो एक साल पहले 492 से ज्यादा हैं.
IMPS ट्रांजैक्शन का भी रिकॉर्ड
अक्टूबर में मोबाइल बैंकिंग के IMPS यानी इमीडिएट पेमेंट सर्विस के जरिए 46.7 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए. ये सितंबर के 43 करोड़ से 9% ज्यादा है. वहीं, मूल्य के लिहाज से IMPS ट्रांजैक्शन में 11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और ये आंकड़ा सितंबर में 5.65 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अक्टूबर में 6.29 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई. अगस्त में IMPS ट्रांजैक्शन का आंकड़ा 45.3 करोड़ और टोटल वैल्यू ₹5.78 लाख करोड़ थी. वहीं साल-दर-साल आधार पर, अक्टूबर में लेनदेन की संख्या में 5% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टोटल वैल्यू में 17% की बढ़ोतरी देखी गई.
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