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‘अपग्रेड इंडिया’: GST कटौती ने बढ़ाई ऑटो मार्केट की रफ्तार, भारतीय खरीदार अब चुन रहे बड़ी और बेहतर कारें

भारत में कारों पर जीएसटी दरों में कटौती ने न केवल ऑटो सेक्टर को फिर से पटरी पर लाया है, बल्कि उपभोक्ता सोच और खरीदारी के नजरिए में भी गहरा बदलाव किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

भारत के ऑटो सेक्टर में जीएसटी कटौती ने नई जान फूंक दी है. टैक्स राहत के बाद जहां कार बिक्री में तेजी आई है, वहीं उपभोक्ता व्यवहार में भी एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है. अब भारतीय खरीदार सिर्फ ज्यादा कारें नहीं खरीद रहे, बल्कि पहले से बड़ी, बेहतर और फीचर-रिच गाड़ियां चुन रहे हैं. SmyttenPulse AI के ताजा सर्वेक्षण के अनुसार टैक्स बचत ने उपभोक्ताओं को अपनी पसंद और प्राथमिकताओं को अपग्रेड करने का आत्मविश्वास दिया है. इसका नतीजा यह है कि मिड-सेगमेंट खरीदार अब हॅचबैक से एसयूवी की ओर, और बजट मॉडल से प्रीमियम ब्रांड्स की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, जो भारतीय ऑटो बाजार में एक नए ‘अपग्रेड युग’ की शुरुआत का संकेत है.

SmyttenPulse AI के “पोस्ट जीएसटी कार खरीद व्यवहार” अध्ययन में टियर 1, 2 और 3 शहरों में किया गया. अध्ययन के अनुसार, भारत की कार बाजार 2026 में नए आत्मविश्वास और आकांक्षा के साथ प्रवेश कर रही है. जीएसटी कटौती ने केवल आर्थिक लाभ नहीं दिया, बल्कि उपभोक्ताओं को उच्च श्रेणी की कारों की ओर आकर्षित किया.

‘अपग्रेड लहर’: टैक्स राहत ने बढ़ाई आकांक्षा

1. सर्वे में 79% खरीदारों ने कहा कि वे जीएसटी बचत का इस्तेमाल उच्च मॉडल, बेहतर ब्रांड या प्रीमियम एक्सेसरीज खरीदने में कर रहे हैं, न कि केवल बचत करने में.
2. 60% से अधिक खरीदार इसी ब्रांड के उच्च वेरिएंट पर अपग्रेड करने की योजना बना रहे हैं, जबकि 46% पहले ही हॅचबैक से एसयूवी जैसी बड़ी श्रेणी की कार में शिफ्ट हो चुके हैं.

SmyttenPulse AI के सह-संस्थापक स्वागत सारंगी ने कहा, “जीएसटी कटौती ने केवल कारों को किफायती नहीं बनाया, बल्कि आकांक्षा को भी जगाया. मध्यम वर्ग के खरीदार इस मौके का उपयोग बेस वेरिएंट से टॉप ट्रिम और बजट ब्रांड से फीचर-रिच मॉडल की ओर बढ़ने के लिए कर रहे हैं.”

एसयूवी और कॉम्पैक्ट एसयूवी की लोकप्रियता
सर्वेक्षण में पाया गया कि एसयूवी और कॉम्पैक्ट एसयूवी खरीदारों की पसंदीदा श्रेणी बनी हुई हैं, इसके बाद सेडान और अंत में हॅचबैक.

ईवी में बढ़ती रुचि
जीएसटी कटौती के बाद 46% लोग ईवी लेने के लिए ‘कुछ हद तक’ और 29% लोग ‘काफी हद तक’ इच्छुक हैं.

मुख्य प्रेरक कारक:

1. पर्यावरणीय लाभ: 68%
2. सरकारी प्रोत्साहन: 66%
3. उचित मूल्य: 55%

मुख्य चुनौतियां:

1. बैटरी जीवन और बदलने की लागत: 75%
2. चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर: 55%
3. उच्च प्रारंभिक लागत: 43%
4. कम रिसेल मूल्य: 52%
5. सीमित सर्विस सेंटर: 48%
6. एक चार्ज पर ड्राइविंग रेंज: 26%

वित्तीय आत्मविश्वास में वृद्धि

58% से अधिक खरीदार अब कार के लिए लोन या ईएमआई का विकल्प चुन रहे हैं.  53% अधिक डाउन पेमेंट करने में सक्षम हैं, और लगभग 30% लंबे लोन टेन्योर लेने की योजना बना रहे हैं. 55% लोग जीएसटी बदलाव को ‘कुछ हद तक से लेकर बहुत सकारात्मक’ मानते हैं.  52% का मानना है कि ये बदलाव ‘उपभोक्ताओं के लाभ के लिए डिजाइन किए गए’ हैं.

इस शोध ने जीएसटी दर संशोधनों के बाद उपभोक्ता जागरूकता, दृष्टिकोण और व्यवहार में बदलाव का विश्लेषण किया, विशेष रूप से खरीदारी की प्रवृत्ति, वित्तीय व्यवहार और ईवी अपनाने पर.


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