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यूनिलीवर ने अपने इन्फ्लुएंसर नेटवर्क को 10,000 से बढ़ाकर 3 लाख किया, सोशल-फर्स्ट मार्केटिंग पर जोर
यूनिलीवर की यह रणनीति साफ संकेत देती है कि भविष्य की मार्केटिंग अब केवल विज्ञापनों पर निर्भर नहीं रहेगी. उपभोक्ता-आधारित सिफारिशें, क्रिएटर नेटवर्क और सोशल एंगेजमेंट आने वाले समय में ब्रांड बिल्डिंग का सबसे बड़ा आधार बन सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी यूनिलीवर ने अपनी मार्केटिंग रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए इन्फ्लुएंसर और क्रिएटर नेटवर्क को तेजी से विस्तार दिया है. कंपनी ने अपने ब्रांड एंबेसडर्स की संख्या 10,000 से बढ़ाकर लगभग 3,00,000 कर दी है. यह कदम पारंपरिक विज्ञापन के बजाय सोशल-फर्स्ट और पीयर-ड्रिवन (peer-driven) सिफारिशों पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है.
इन्फ्लुएंसर नेटवर्क में बड़ा विस्तार
यूनिलीवर ने पिछले दो वर्षों में अपने ग्लोबल इन्फ्लुएंसर नेटवर्क को लगभग 30 गुना बढ़ाया है. कंपनी अब बड़े पैमाने पर आम उपभोक्ताओं, क्रिएटर्स और प्रोफेशनल्स को अपने ब्रांड प्रमोशन इकोसिस्टम का हिस्सा बना रही है. कंपनी के अनुसार, यह बदलाव उपभोक्ताओं के बदलते व्यवहार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती निर्भरता को ध्यान में रखकर किया गया है.
SAMY एजेंसी के साथ साझेदारी
यूनिलीवर ने हाल ही में सोशल-फर्स्ट एजेंसी SAMY को अपने फूड्स बिजनेस ग्रुप के लिए वैश्विक इन्फ्लुएंसर रणनीति विकसित करने और लागू करने की जिम्मेदारी दी है. यह कदम कंपनी की क्रिएटर इकोनॉमी में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है.
कंपनी के CEO फर्नांडो फर्नांडीज ने एक बार्कलेज फायरसाइड चैट के दौरान बताया कि यूनिलीवर का इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा है. उन्होंने कहा, “अब हमारे करीब 3 लाख लोग हमारे ब्रांड्स की सिफारिश कर रहे हैं. दो साल पहले यह संख्या लगभग 10,000 थी.” उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में ब्रांड मैसेजिंग से ज्यादा भरोसा व्यक्तिगत सिफारिशों पर किया जाता है.
पारंपरिक विज्ञापन से सोशल-फर्स्ट रणनीति की ओर बदलाव
फर्नांडीज के अनुसार, आज के डिजिटल युग में बड़े ब्रांड्स के सीधे विज्ञापन को उपभोक्ता संदिग्ध नजर से देखते हैं. इसके बजाय, लोग अब दोस्तों, क्रिएटर्स और अन्य उपभोक्ताओं की राय पर ज्यादा भरोसा करते हैं. यह बदलाव दर्शाता है कि कंपनियां अब वन-वे कम्युनिकेशन मॉडल से हटकर कम्युनिटी-ड्रिवन और इंटरैक्टिव मार्केटिंग की ओर बढ़ रही हैं.
मार्केटिंग निवेश में भी बढ़ोतरी
यूनिलीवर ने अपने मार्केटिंग खर्च में भी बढ़ोतरी की है. कंपनी का मार्केटिंग और ब्रांड इन्वेस्टमेंट चार साल पहले जहां 13% के आसपास था, वह अब बढ़कर 16% से अधिक हो गया है. हालांकि, कंपनी अभी भी इस नए मॉडल की प्रभावशीलता को मापने के तरीकों को बेहतर बनाने पर काम कर रही है, क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और यूजर बिहेवियर लगातार बदल रहे हैं.
फिजिकल रिटेल और इवेंट्स पर भी फोकस
क्रिएटर मार्केटिंग के साथ-साथ यूनिलीवर अब फिजिकल रिटेल और ग्लोबल कल्चरल इवेंट्स में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है. कंपनी का मानना है कि ये प्लेटफॉर्म ब्रांड और उपभोक्ता के बीच मजबूत जुड़ाव बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
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