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EV की आड़ में Gensol प्रमोटर्स का करोड़ों का घोटाला, स्पा और गोल्फ में उड़ाया पैसा!
Gensol Engineering में हुए वित्तीय घोटाले ने न केवल निवेशकों को झटका दिया है, बल्कि इसमें शामिल बड़ी हस्तियों के नाम सामने आने से मामला और भी संवेदनशील हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
देश में जब इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य का रास्ता बताया जा रहा था, उसी दौरान Gensol Engineering के प्रमोटर्स ने ‘ग्रीन राइड’ के नाम पर करोड़ों का गड़बड़झाला कर डाला. SEBI की जांच में खुलासा हुआ है कि अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी ने ब्लूस्मार्ट (BlueSmart) के नाम पर उठाए गए 978 करोड़ रुपये के लोन में से सैकड़ों करोड़ रुपए निजी ऐशो-आराम पर लुटा दिए. महंगे अपार्टमेंट से लेकर स्पा सेशन, गोल्फ गियर और इंटरनेशनल ट्रैवल तक इस 'ग्रीन स्कैम' में लग्जरी लाइफस्टाइल की पूरी कहानी छिपी है. इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि इस कंपनी में धोनी और दीपिका जैसे हाई-प्रोफाइल इन्वेस्टर्स भी शामिल रहे हैं. सेबी (SEBI) की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
SEBI की जांच में हुआ खुलासा: पैसे की हेराफेरी
SEBI की प्रारंभिक जांच के अनुसार, Gensol Engineering के प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी ने कंपनी के फंड का दुरुपयोग किया है. बताया गया है कि कंपनी की सब्सिडियरी BlueSmart के जरिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए 978 करोड़ रुपए का लोन लिया गया था. योजना थी कि 6,400 ईवी 664 करोड़ में खरीदकर उन्हें लीज पर दिया जाएगा. लेकिन कंपनी ने केवल 4,704 ईवी ही 568 करोड़ रुपये में खरीदे और बाकी 262 करोड़ रुपये का कोई स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया गया.
बैकडोर चैनल से हुआ पैसा ट्रांसफर, खरीदा गया आलीशान अपार्टमेंट
SEBI को मिली जानकारी के अनुसार, Gensol ने जो रकम Go-Auto को ईवी खरीदने के लिए दी थी, उसका एक हिस्सा Capbridge नाम की कंपनी के जरिए फिर से प्रमोटरों के पास लौट आया. इस पैसे का इस्तेमाल गुरुग्राम के DLF प्रोजेक्ट 'The Camellias' में 43 करोड़ रुपये का एक आलीशान अपार्टमेंट खरीदने में किया गया. सेबी के डॉक्यूमेंट से पता चला है कि जग्गी काफी पैसा लग्जरी लाइफ पर भी खर्च किया है. जग्गी के पास 1.86 करोड़ रुपये की कीमत के दिरहम थे. वहीं, उन्होंने 26 लाख रुपये का गोल्फ गियर (गोल्फ किट जिसमें गोल्फ खेलने का पूरा सामान होता है) खरीदा और लाखों रुपये स्पा में खर्च किए.
सेबी के डॉक्यूमेंट्स के अनुसार अनमोल सिंह जग्गी ने ब्लूस्मार्ट की कंपनी के करीब 25.76 करोड़ रुपये के फंड को निजी और पारिवारिक इस्तेमाल के लिए डायवर्ट किया. इसमें जिसमें क्रेडिट कार्ड, स्पा सेशन, घड़ियां, गोल्फ सेट और अन्य चीजों पर बेतहाशा खर्च शामिल है. यही नहीं, उन्होंने व्यक्तिगत यात्रा के लिए मेकमाईट्रिप पर 3 लाख रुपये खर्च किए हैं. जेनसोल इंजीनियरिंग ब्लूस्मार्ट की पैरेंट कंपनी है. ब्लूस्मार्ट कैब कई शहरों में एयरपोर्ट से पिकअप और ड्रॉप की सुविधा देती है.
धोनी और दीपिका पादुकोण ने किया था निवेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के फैमिली ऑफिस ने Gensol Engineering की फंडरेजिंग सीरीज B (420 करोड़ रुपये) में निवेश किया था. इससे पहले भी धोनी का नाम आम्रपाली ग्रुप से जुड़े विवादों में आ चुका है. वहीं, इस मामले में अशनीर ग्रोवर का नाम भी निवेशकों की सूची में है.
स्टॉक स्प्लिट और प्रमोटरों पर रोक
SEBI की कार्रवाई के बाद 16 अप्रैल को बाजार खुलते ही Gensol Engineering के शेयरों में 5% की गिरावट देखी गई. कंपनी का शेयर 122.68 रुपये पर खुला और लोअर सर्किट में बंद हुआ. इसके साथ ही SEBI ने कंपनी के 1:10 के स्टॉक स्प्लिट प्रस्ताव पर भी रोक लगा दी है. कंपनी का शेयर एक साल में 87% तक गिर चुका है. इसके अलावा SEBI ने प्रमोटर्स को किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में डायरेक्टर या प्रमुख प्रबंधकीय पद ग्रहण करने से रोक दिया है.
निदेशकों ने दिया इस्तीफा
घोटाले की खबरों के बीच कंपनी के तीन स्वतंत्र निदेशक अरुण मेनन, हर्ष सिंह और कुलजीत सिंह पोपली ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. मेनन ने कहा कि कंपनी की बैलेंस शीट का अत्यधिक उपयोग और अन्य कारोबारों में पूंजी लगाने की प्रवृत्ति चिंता का विषय है. हर्ष सिंह ने भी कठिन समय में इस्तीफा देने का जिक्र करते हुए व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं का हवाला दिया, जबकि पोपली ने मीडिया में आई घटनाओं से आहत होकर पद छोड़ दिया.
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