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सबसे बड़ी मुश्किल में घिरने वाले हैं ईलॉन मस्क! US प्रेसिडेंट ने दिए संकेत 

यूएस प्रेसिडेंट बाइडेन का कहना है कि ईलॉन मस्क के अन्य देशों के साथ सहयोग या तकनीकी संबंध ध्यान दिए जाने के लायक हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

ट्विटर वाले ईलॉन मस्क एक नई मुश्किल में घिर सकते हैं. सोशल मीडिया की इस 'चिड़िया' को अपना बनाने के बाद से वह विरोधियों के निशाने पर तो हैं ही, अब सरकार ने भी उन्हें अपने रडार पर ले लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएस सरकार मस्क के दूसरे देशों के साथ संबंधों की जांच करा सकती है. राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसके संकेत दिए हैं. अगर ऐसा होता है, तो ट्विटर के नए बॉस को कई कठिन सवालों के जवाब देने होंगे. 

प्रेसिडेंट ने कही ये बात
यूएस प्रेसिडेंट बाइडेन ने कहा, 'मुझे लगता है कि ईलॉन मस्क के अन्य देशों के साथ सहयोग या तकनीकी संबंध ध्यान दिए जाने के लायक हैं. मैं यह नहीं कहूंगा कि वह कुछ अनुचित कर रहे हैं या नहीं... मैं केवल इतना ही कहूंगा कि उनके देशों के साथ सहयोग या तकनीकी संबंधों पर ध्यान देने की जरूरत है'. बता दें कि मस्क की ट्विटर डील में सऊदी अरब के प्रिंस अलवलीद बिन तलाल और कतर सोवरिन वेल्थ फंड सहित कई निवेशक भी शामिल हैं.

चीन से संबंध चर्चा में
इससे पहले, दो अमेरिकी सीनेटर ट्विटर डील की जांच की बात कह चुके हैं. उनका मानना है कि यह इसलिए जरूरी है, ताकि प्लेटफॉर्म को यूजर की ऐसी जानकारी जुटाने से रोका जा सके, जिससे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सऊदी सरकार के आलोचकों को खतरा हो. बता दें कि मस्क रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बयानबाजी कर चुके हैं. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया था कि ताइवान को चीन के साथ मिल जाना चाहिए. इस सुझाव से ताइवान आग-बबूला हो गया था. अब जब मस्क ने ट्विटर खरीद लिया है, तो चीन के साथ उनके औद्योगिक संबंधों पर भी चर्चा हो रही है.

इनका भी लगा पैसा
मस्क ने ट्विटर के अधिग्रहण के लिए कई इनवेस्टर्स के एक समूह से 7.14 अरब डॉलर की फंडिंग हासिल कर ली थी. इन इनवेस्टर्स में ओरेकल कॉर्प के कोफाउंडर लैरी इलीसन और सिकोइया कैपिटल शामिल हैं. शुरुआत में इस सौदे का विरोध करने वाले सऊदी अरब के इनवेस्टर प्रिंस अलवलीद बिन तलाल अपनी 1.89 अरब डॉलर की स्टेक को बेचने के बजाय बनाए रखने के लिए राजी हो गए हैं. इससे मस्क का मार्जिन लोन 12.5 अरब डॉलर से घटकर 6.25 अरब डॉलर रह गया.


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