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दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर सफर होगा महंगा, पार्किंग से लेकर दुकानों तक बढ़ेगा खर्च!
वित्त वर्ष 2024-25 में GMR एयरपोर्ट्स की कुल आय ₹10,414 करोड़ रही, वहीं अडानी एयरपोर्ट्स की कमाई ₹10,224 करोड़ के आसपास रही.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
अगर आप दिल्ली या मुंबई एयरपोर्ट से यात्रा करते हैं, तो जल्द ही आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. इन दोनों बड़े एयरपोर्ट्स पर अब चार्ज यानी फीस बढ़ने जा रही है. इसकी वजह है ट्राइब्यूनल (TDSAT) का एक ताजा फैसला, जो इन एयरपोर्ट्स का संचालन करने वाली कंपनियों के पक्ष में गया है. दिल्ली एयरपोर्ट का संचालन GMR समूह करता है, जबकि मुंबई एयरपोर्ट अडानी ग्रुप के अधीन है.
अब गैर-उड़ान आय भी होगी चार्ज निर्धारण का आधार
अब तक एयरपोर्ट्स पर लैंडिंग फीस, पैसेंजर सर्विस फीस जैसी केवल उड़ानों से जुड़ी आय को ही आधार मानकर चार्ज तय किए जाते थे, लेकिन अब ट्राइब्यूनल के फैसले के बाद पार्किंग, विज्ञापन, रिटेल दुकानों आदि से होने वाली गैर-उड़ान कमाई को भी इस गणना में जोड़ा जाएगा. इस बदलाव का मतलब है कि एयरपोर्ट कंपनियों की कुल आय अब ज्यादा मानी जाएगी, जिससे वे यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्कों में बढ़ोतरी कर सकेंगी.
टिकट की कीमत और एयरलाइंस पर असर
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट बताती है कि आने वाले 10 वर्षों में एयरपोर्ट चार्ज में औसतन 6 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है. इससे एयरलाइंस की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ेगा. उदाहरण के तौर पर, फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में इंडिगो की कुल कमाई 80,803 करोड़ रुपये रही. नए शुल्क मॉडल के चलते इसकी आय पर करीब 3.4 प्रतिशत का असर पड़ सकता है.
पुराना विवाद, अब मिला फैसला
गौरतलब है कि 2006 में दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट्स का निजीकरण हुआ था. 2012-13 में इन कंपनियों ने AERA (एयरपोर्ट रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के उस नियम को चुनौती दी थी, जिसमें गैर-उड़ान कमाई को चार्ज निर्धारण में शामिल नहीं किया जाता था. कंपनियों की मांग थी कि "सिंगल-टिल मॉडल" लागू किया जाए, जिसमें एयरपोर्ट की सभी तरह की आय को जोड़कर चार्ज तय किए जाएं. अब ट्राइब्यूनल ने इन कंपनियों के पक्ष में फैसला सुना दिया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान में लिया है. इससे एयरपोर्ट चार्ज में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है.
शेयर बाजार में सकारात्मक असर
इस फैसले का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है. GMR एयरपोर्ट्स के शेयर 1 जुलाई से 11 जुलाई के बीच लगभग 5% तक चढ़े जबकि इसी अवधि में Nifty50 में गिरावट आई.
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