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TRAI के इस कदम से आपके लिए सही गलत की पहचान हो जाएगी आसान, ऐसे मिलेगा फायदा
दूसंचार नियामक ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को कुछ आवश्यक निर्देश दिए हैं, जिनके उल्लंघन पर कार्रवाई भी होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मोबाइल यूजर्स को अगले महीने से बड़ी राहत मिलने वाली है. टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ग्राहकों को फर्जी कॉल और मैसेज से छुटकारा दिलाने के लिए सेवा प्रदाता कंपनियों की नकेल कसने जा रहा है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों, जैसे कि जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और BSNL निर्देश दिए हैं कि 30 सितंबर तक 140 मोबाइल नंबर सीरीज से शुरू होने वाली टेलीमार्केटिंग कॉल और कॉमर्शियल मैसेजिंग को ब्लॉकचेन-बेस्ड DLT प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जाए.
सरकार का इस पर है जोर
ट्राई ने प्रमोशनल कॉल को पर्सनल नंबर से करने पर दंड का भी प्रावधान किया है. दरअसल, फर्जी कॉल-मैसेज को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग की ओर से खास 140 और 160 मोबाइन नंबर की सीरीज जारी की गई है. 140 सीरीज को प्रमोशनल कॉल और मैसेज के लिए लागू किया जा रहा है. जबकि 160 सीरीज से वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग से जुड़े मैसेज आएंगे. सरकार सभी प्रमोशनल एवं वित्तीय मैसेज की ट्रैसेबिलिटी को बढ़ाने साथ ही प्रचार के कंटेंट के दुरुपयोग को रोकने पर काम कर रही है. उसी के मद्देनजर यह व्यवस्था की गई है.
केवल इन्हें ही होगा अधिकार
नियामक की तरफ से कहा गया है कि कमर्शियल मैसेज में हेडर, भेजने वाले के कोड को डीएलटी प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड कराना होगा. यदि कोई 140 या फिर 160 नंबर की सीरीज के अलावा किसी दूसरे नंबर से प्रमोशनल या बैंकिंग मैसेज भेजता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. TRAI की तरफ से यह भी कहा गया है कि 1 सितंबर 2024 से सभी टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे URL, APK, OTT लिंक या कॉल बैक नंबर वाले संदेश प्रसारित करने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा, जिसमें मैसेज या कॉल के सही सोर्स की जानकारी नहीं होगी. केवल पंजीकृत संस्था ही मोबाइल यूजर्स को प्रमोशनल, वित्तीय या बैंकिंग मैसेज भेज सकेंगी.
धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम
लिंक वाले मैसेज से वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा रहता है. कई बार मोबाइल यूजर इस तरह के मैसेज के जाल में फंसकर आर्थिक अपराध का शिकार बन जाते हैं. ट्राई के कदम से इस तरह के मामलों में कमी आ सकेगी. इसके साथ ही 140 और 160 सीरीज से आने वाले कॉल या मैसेज से ग्राहकों को इसका अंदाजा हो जाएगा कि कॉल या मैसेज किसी रजिस्टर्ड संस्था से ही है.
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