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आज देश के दो दिग्गज बिजनेसमैन का जन्मदिन, जानिए इन्होंने कैसे स्थापित किया अपना साम्राज्य?

आज भारत के दो बड़े बिजनेस टायकून्स धीरूभाई अंबानी और रतन टाटा का जन्मदिन है. भारत के व्यापार जगत में दोनों का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

आज यानी 28 दिसंबर को देश के दो बड़े दिग्गज व्यापारियों का जन्मदिन है. आज टाटा और रिलांयस को नई ऊंचाईओं पर ले जने वाले रतन टाटा और धीरूभाई अंबानी का जन्मदिन है. रतन टाटा अपने सौम्य व्यवहाय और दरियादिली के लिए सबसे चर्चित व्यापारी थे, जबकि धीरूभाई अंबानी अपने कपड़े के कारोबार में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे. उनके शून्य से शिखर तक की जर्नी लाखों लोगों को प्रेरित करती है. एक ओर रतन टाटा ने देश के लिए सबसे सस्ती कार बनाकर देश के मिडिल क्लास को कार खरीदने का सपना पूरा करने में मदद की. इसके साथ उन्होंने जैगुआर और लग्जरी कर लैंड रोवर में भी मुख्य भूमिका निभाई. वहीं, धीरूभाई अंबानी कपड़े के कारोबार में एक बड़े व्यापारी माने जाते हैं, लेकिन उन्होंने कपड़े के अलावा मीडिया एंटरटेनमेंट, डिजिटल सर्विस और एनर्जी सेक्टर में भी बड़ा नाम कमाया. तो आइए जानते हैं कैसे इन दोनों दिग्गजों ने अपने साम्राज्य को बढ़ाया? 
 
भारत के दिग्गज व्यापारी रतन टाटा का जन्म दिवस

स्वर्गीय रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था. रतन टाटा नवल टाटा के पुत्र थे, जिन्हें टाटा समूह के संस्थापक जमसेतजी टाटा के रतंजी टाटा पुत्र ने अपनाया था. टाटा ने टाटा समूह का नेतृत्व करते हुए 21 वर्षों के दौरान, राजस्व 40 गुना से अधिक और लाभ 50 गुना से अधिक बढ़ा. उन्होंने भारत के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया. रतन टाटा ने 1955 में 17 साल की उम्र में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी न्यूयॉर्क में एडमिशन लिया. प्रोफेशनल करियर की शुरुआत उन्होंने 1962 में बतौर असिस्टेंट टाटा इंडस्ट्रीज ज्वाइन करने के साथ की. 1974 में टाटा रतन टाटा ने डायरेक्टर के तौर पर टाटा सन्स को ज्वाइन कर लिया. इसके बाद 1981 में उन्हें अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया. 2008 में रतन टाटा ने मिडिल क्लास के लिए सबसे सस्ती कार टाटा नैनो को लांच किया. रतन टाटा को 2008 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है, जबकि 2000 में उन्हें पद्म भूषण भी दिया गया था. 9 अक्टूबर 2024 को 86 साल की उम्र में रतन टाटा ने दुनिया को अलविदा कह दिया.

ऐसे खड़ा हुआ अंबानी का साम्राज्य
धीरूभाई अंबानी का जन्म 28 दिसंबर 1932 को हुआ था. धीरूभाई ने मुंबई में किराए के मकान से बिजनेस शुरू किया. उन्होंने थोड़ी सी पूंजी के साथ 1958 में रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन की स्थापना की. उनकी कंपनी अदरक, हल्दी, इलायची, कपड़ों के अलावा कई चीजों का एक्सपोर्ट करती थी. धीरूभाई की कारोबारी बुद्धि काम आई और उनका व्यापार चल पड़ा. 8 मई 1973 को इसका नाम बदलकर रिलायंस इंडस्ट्रीज कर दिया गया. बाद में रिलायंस ने वित्तीय सेवाओं, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और बिजली क्षेत्र में प्रवेश किया. 2002 तक, रिलायंस 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का समूह बन गया था. भारत को टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज में आत्मनिर्भर बनाने में धीरूभाई अंबानी का सबसे बड़ा योगदान रहा है. सरकार से 1966 में धीरूभाई अंबानी ने पॉलिएस्टर फिलामेंट की मैन्युफैक्चरिंग का लाइसेंस प्राप्त किया. उन्होंने भारत को इस सेक्टर में महत्वपूर्ण स्थान दिलाया. उनके नेतृत्व में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस सेक्टर में क्रांति पैदा की और भारत को कपड़ा उद्योग में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. 1980 में धीरूभाई अंबानी ने पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स की स्थापना की. 6 जुलाई 2002 को उनकी मृत्यु हो गई थी.  2016 में धीरूभाई अंबानी को पद्म विभूषण प्रदान किया गया था. 


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