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महंगाई का तो पता नहीं, पर महंगा होने वाला है कर्ज! रेपो रेट में हो सकता है इतना इजाफा

रिजर्व बैंक महंगाई कम करने के लिए ब्याज दरों में इजाफा कर देता है और बैंक इसका भार अपने ग्राहकों पर डाल देते हैं, जिससे लोन महंगा हो जाता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

महंगाई के मोर्चे पर मोदी सरकार आम आदमी को कुछ खास राहत नहीं दे पाई है. लगातार बढ़ती महंगाई ने लोगों के घर का बजट बिगाड़ दिया है और उस पर बार-बार महंगा होने वाला कर्ज हालात को बद से बदतर बना रहा है. माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक महंगाई को नियंत्रित करने के नाम पर एक बार फिर से रेपो रेट में बढ़ोत्तरी कर सकता है. यदि ऐसा होता है, तो यह लगातार चौथा मौका होगा जब रेपो रेट में बढ़ोत्तरी होगी. और इस तरह लोन एक बार फिर से महंगा जो जाएगा.

अगले हफ्ते होगी बैठक 
एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में 30 सितंबर को रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान कर सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक सर्वे में ज़्यादातर इकनॉमिस्‍ट का कहना है कि आरबीआई महंगाई को थामने के लिए इस बार भी अपनी नीतियां सख्‍त रखेगा और ब्‍याज दरें बढ़ा सकता है. हालांकि, यह बढ़ोत्तरी कितनी होगी इस पर सभी अलग-अलग राय है. कुछ का कहना है कि इसमें 0.35 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. वहीं, कुछ को लगता है कि यह इजाफा 0.50 फीसदी तक हो सकता है.

कम होने के बजाए बढ़ी महंगाई
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक 28 सितंबर को शुरू होगी और 30 सितंबर को फैसले की घोषणा की जाएगी. बता दें कि फिलहाल महंगाई दर 7 फीसदी के आसपास है और आरबीआई पहले ही 1.40 फीसदी की ब्‍याज दर बढ़ा चुका है. लेकिन इसके बावजूद महंगाई नीचे जाने के बजाए ऊपर चढ़ती जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्वे में शामिल 51 में से 25 इकनॉमिस्‍ट ने 50 बेसिस प्‍वाइंट रेपो रेट बढ़ने का अनुमान लगाया है. यदि ऐसा होता है, तो रेपो रेट 5.90 फीसदी पहुंच जाएगी. 

आगे भी संभव है इजाफा 
वहीं, 20 अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस बार ज्‍यादा बढ़ोतरी मुश्किल है और रेपो रेट में 35 आधार अंक की वृद्धि होगी. इसी तरह, शेष इकनॉमिस्‍ट ने भी 20 से 30 बेसिस पॉइंट के बीच बढ़ोतरी की संभावना जताई है. गौरतलब है कि डॉलर के मुकाबले रुपया भी रिकॉर्ड स्तर पर नीचे चला गया है. ऐसे में यदि RBI ब्‍याज दरों में ज्‍यादा बढ़ोतरी करता है, तो इसका विकास दर पर सीधा असर पड़ेगा. इकनॉमिस्‍ट को यह भी लगता है कि दिसंबर में होने वाली बैठक में भी रेपो रेट बढ़ाया जा सकता है. इस तरह 2022 के अंत तक प्रभावी रेपो रेट 6.25% पहुंच सकती है.


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