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सितंबर में Trade Data को लेकर आई ये खबर, इंपोर्ट-एक्‍सपोर्ट हुआ कम 

हालांकि सोने के इंपोर्ट में बढ़ोतरी हुई है लेकिन ये पिछले साल से कम है. इसके पीछे की वजह इस साल लगाई गई इंपोर्ट ड्यूटी है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

सितंबर महीने में  इंपोर्ट एक्‍सपोर्ट के मोर्चे से भारत के लिए अच्‍छी खबर ये निकलकर आई है कि देश का व्‍यापार घाटा 5 महीने के निचले स्‍तर पर पहुंच गया है. 2023-24 की पहली छमाही में निर्यात से लेकर आयात के मोर्चे पर भी कमी देखने को मिल रही है. भारत का निर्यात साल दर साल के मुकाबले 8.7 प्रतिशत कम रहा वहीं आयात 12.2 प्रतिशत कम रहा. 

क्‍या कहते हैं आयात-निर्यात के आंकड़े? 
वाणिज्‍य सचिव सुनील बर्थवाल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस महीने के आयात-निर्यात के आंकड़ों पर नजर डालें तो वो पहली छमाही के मुकाबले 8.7 प्रतिशत कम था जबकि आयात 12.02 प्रतिशत कम था. अगर रत्‍न आभूषण और पेट्रोलियम सेक्‍टर को हटा दें तो भारत के निर्यात में 1.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है. वहीं देश के व्‍यापार घाटे की बात करें तो वो 5 महीने के निचले स्‍तर 19.37 अरब डॉलर तक आ पहुंचा है. ये हमारे लिए एक सकारात्‍मक खबर है. जबकि अगस्‍त में यही व्‍यापार घाटा 24.16 बिलियन डॉलर था, जिसमें निर्यात 34.48 बिलियन डॉलर था वहीं आयात 58.64 बिलियन डॉलर था. 

किन-किन सामानों के आयात-निर्यात में हुई कमी और बढ़ोतरी 
सुनील बर्थवाल और उनकी टीम ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सितंबर में पेट्रोलियम के निर्यात में बढ़ोतरी देखने को मिली है. वहीं अगर इसे कीमतों के संबंध में देखें तो इसमें कमी आई है क्‍योंकि पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में कमी हुई है. इसी तरह से इलेक्‍ट्रॉनिक सामान, लौह अयस्‍क दवाएं और फार्मास्‍यूटिकल चीनी मिट्टी की चीजें और तेल भोजन ऐसे सामान रहें हैं जिनका सबसे ज्‍यादा निर्यात किया गया है. वहीं ज्‍वैलरी, ऑर्गनिक और इनऑर्गनिक कैमिकल, इंजीनियरिंग गुड्स, रेडीमेड गारमेंट के निर्यात में सबसे कमी देखने को मिली है. 

सोने के आयात में इसलिए हुई कमी 
वहीं सितंबर महीने के आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल सोने के आयात में बढ़ोतरी हुई है लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी के कारण इसमें पिछले साल से कमी देखने को मिली है. वहीं ब्रिटेन के साथ होने वाले एफटीए को लेकर उनका कहना था कि दोनों पक्षों के बीच में कई मामलों को लेकर बात हुई है. ये बातचीत लगातार जारी है और सभी विषयों को उम्‍मीद है कि जल्‍द ही सुलझा लिया जाएगा. 


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