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आखिर PM आर्थिक सलाहकार समिति की रिपोर्ट में ऐसा क्‍या है जिसने मचा दिया सियासी बवाल?

इस रिपोर्ट में भारत के पड़ोसी देशों के साथ कई और देशों में जनसंख्‍या की स्थिति का आंकलन किया गया है. रिपोर्ट बता रही है कि हिंदू जहां कम हुए वहीं मुस्लिमों की आबादी बढ़ी है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देश के लोकसभा चुनाव में बीजेपी कांग्रेस अलग-अलग मामलों के जरिए वोटरों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. कभी विरासत टैक्‍स तो कभी आरक्षण चुनावों में बार बार सियासी माहौल को गर्मा रहे हैं. इस बीच चौथे चरण से पहले सामने आई पीएम इकोनॉमिक काउंसिल की रिपोर्ट ने इस चुनाव में एक बार फिर हिंदू मुस्लिम का तड़का लगा दिया है. रिपोर्ट कहती है कि हिंदुओ की संख्‍या में कमी हुई है जबकि मुस्लिमों की संख्‍या में इजाफा हुआ है. यही नहीं भारत के पड़ोसी देशों में भी बहुसंख्‍यक आबादी में कमी आई है. 

आखिर क्‍या कह रही है पीएम काउंसिल की रिपोर्ट? 
पीएम इकोनॉमिक काउंसिल की रिपोर्ट कहती है कि देश में 1950 से लेकर 2015 के बीच जनसंख्‍या के आंकड़ों में बड़ा बदलाव आया है. रिपोर्ट कहती है कि हिंदुओ की आबादी में 7.82 प्रतिशत की कमी आई है जबकि मुसलमानों की आबादी में 43.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट बताती है कि भारत, नेपाल, म्‍यांमार जैसे देशों में हिंदु और बौद्धों की आबादी में कमी हुई है जबकि पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश और अफगानिस्‍तान जैसे देशों में मुस्लिमों की आबादी में बड़ा इजाफा हुआ है. पीएम इकोनॉमिक काउंसिल की रिपोर्ट कहती है कि इस समिति ने 167 देशों में 1950 से लेकर 2015 तक की आबादी का अध्‍ययन किया है. 

जानिए मुस्लिम देशों में कितनी बढ़ी आबादी
पीएम इकोनॉमिक काउंसिल की रिपोर्ट ये भी बताती है कि पिछले 65 सालों में भारत, नेपाल और म्‍यांमार में रहने वाले बहुसंख्‍यक हिंदुओ और बौद्धों की आबादी में 22 प्रतिशत की कमी हुई है जबकि ये फॉर्मूला मुस्लिम देशों में लागू नहीं हो रहा है. मुस्लिम आबादी वाले 38 देशों की आबादी में इजाफा हुआ है. पाकिस्तान में 1950 में मुस्लिम आबादी 77.45 फीसद थी, जो 2015 में बढ़कर 80.36 फीसद पहुंच गई. मुस्लिम आबादी में सबसे तेज बढ़ोतरी बांग्लादेश में देखने को मिली, यहां 65 सालों में 74.24 से बढ़कर 88.02 फीसद तक पहुंच गई. अफगानिस्तान में भी मुस्लिम आबादी 88.75 फीसद से बढ़कर 89.01 फीसद पहुंच गई. वहीं मालदीव में मुस्लिम आबादी में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जो 99.83 फीसद से घटकर 98.36 फीसद पर आ गई है. 

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म्‍यांमार में ऐसे बदल गई तस्‍वीर 
म्‍यांमार ऐसा देश है जहां बौद्ध आबादी बड़ी संख्‍या में रहती है. रिपोर्ट कहती है म्‍यांमार में बौद्ध आबादी 78.53 फीसदी घटकर 70.80 प्रतिशत रह गई है. वहीं श्रीलंका में बौद्धों की आबादी पर नजर डालें तो 64.28 से बढ़कर 67.65 प्रतिशत तक जा पहुंची है. वहीं अगर भूटान में देखें तो वहां भी बौद्धों की स्थिति में इजाफा हुआ है. ये आबादी 71.44 प्रतिशत से 84.07 प्रतिशत तक पहुंच गई है. वहीं भारत में हिंदुओं की संख्‍या 84.30 फीसदी से घटकर 81.26 प्रतिशत तक पहुंच गई है. वहीं आंकड़े ये भी बता रहे हैं मुस्लिम के साथ सिक्‍ख और ईसाई की आबादी में भी इजाफा हुआ है. 6.58 फीसदी और 5.38 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. जबकि पारसी और जैन की आबादी में क्रमश बढ़ोतरी हुई है. 

अब इसपर जमकर हो रही है सियासत 
लोकसभा चुनाव के मौसम में इस रिपोर्ट के सामने आते ही देश में सियासत भी जमकर हो रही है. केन्‍द्रीय मंत्री और बीजेपी के फायरब्रैंड नेता गिरीराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश को धर्मशाला बना दिया है. उन्‍होंने कहा कि ये देश को इस्‍लामिक स्‍टेट बनाना चाह रहे हैं. उन्‍होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग देश को भ्रमित कर रहे हैं. लेकिन सच्‍चाई किसी से छिप नहीं पाएगी. सबसे खास बात उन्‍होंने कहा कि आजादी के वक्‍त देश में हिंदु 90 प्रतिशत था, आज हम 70 प्रतिशत पर आ गए हैं. पहले मुसलमान 8 प्रतिशत था जो आज 20 प्रतिशत हो गया है. उन्‍होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये मुस्लिम को आरक्षण देना चाहते हैं. ये देश को इस्‍लामिक स्‍टेट बनाना चाह रहे हैं. 

प्रियंका गांधी ने भी साधा निशाना 
इस मामले के सामने आने के बाद प्रियंका गांधी ने भी इस पर अपनी बात कहने में देरी नहीं लगाई. प्रियंका गांधी ने कहा कि हम लोगों को उन मुद्दों पर बात करनी चाहिए जो हमसे जुड़े कोर मुद्दे हों. अब वो भले ही महंगाई हो, बेरोजगारी हो या महिला सुरक्षा के मामले हों. वहीं राजद के नेता तेजस्‍वी यादव ने कहा कि 2021 में जनगणना होनी थी लेकिन 2024 तक नहीं हुई है. उन्‍होंने कहा कि लोगों में नफरत फैलाई जा रही है. ये लोग लोगों को भ्रमित कर रहे हैं. 10 साल तक लोगों को ठगा है और आगे भी ठगने की तैयारी कर रहे हैं. 
 


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