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इस अचूक रणनीति ने अडानी को बनाया बिज़नेस का बादशाह, ऐसे बढ़ता चला गया साम्राज्य
गौतम अडानी ने पिछले कुछ सालों में अपने कारोबार का काफी विस्तार किया है. कई कंपनियां उनके पोर्टफोलियो का हिस्सा बन चुकी हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गौतम अडानी (Gautam Adani) लगातार अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं. पिछले साल की शुरुआत में आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने उनकी विस्तार की रफ़्तार को कुछ धीमा किया था, लेकिन उसके प्रभाव से निकलते ही अडानी ने फिर से अपना पैर एक्सीलेटर पर रख दिया है. हाल ही में अडानी ने एस्ट्रो ऑफशोर नामक कंपनी में 80 हिस्सेदारी खरीदी है. इससे पहले 2024 में वह तीन अन्य कंपनियों का भी अधिग्रहण कर चुके हैं.
छोटी संस्थाओं पर नज़र
शुरुआत में अडानी समूह का पूरा फोकस बिजली और बंदरगाह पर था, लेकिन अब वह रियल एस्टेट, सीमेंट, FMCG और मीडिया जैसे क्षेत्रों में भी बड़ा नाम बन गया है. गौतम अडानी ने कारोबार के विस्तार के लिए एक खास रणनीति के तहत काम किया है. उन्होंने छोटी और कर्ज में डूबी कंपनियों पर दांव लगाया है. खासतौर पर दिवालिया हो चुकी कंपनियां उनकी पहली पसंद होती हैं, अडानी समूह के पास बदहाल कंपनी को फिर से खड़ा करने के लिए तमाम संसाधन मौजूद हैं. इसलिए अडानी ऐसी कंपनियों को खरीदकर अपने साम्राज्य का विस्तार करते आ रहे हैं. अब तक उनकी यह रणनीति अचूक साबित हुई है.
दिवालिया हुईं कंपनियों पर दांव
अप्रैल 2019 में अडानी समूह ने दिवालिया प्रक्रिया के तहत अवंता समूह की कोरबा वेस्ट पावर कंपनी को अपना बनाया था. यह डील 2900 करोड़ रुपए में हुई थी. इसके बाद जून 2019 में अडानी ने GMR छत्तीसगढ़ एनर्जी को 3530 करोड़ रुपए में खरीदा. इसी साल उन्होंने 265 करोड़ में आदित्य एस्टेट्स को भी अपना बना लिया. आदित्य एस्टेट्स अब अडानी प्रॉपर्टीज का हिस्सा है.
2020 में एक शॉपिंग
मार्च 2020 में अडानी ने दिवालिया प्रक्रिया के तहत केवल एक शॉपिंग की. अडानी प्रॉपर्टीज ने नेशनल रेयन कॉरपोरेशन का अधिग्रहण किया. फरवरी 2021 में अडानी ने अपने पोर्ट कारोबार को बढ़ाते हुए दिघी पोर्ट का अधिग्रहण किया. इसके बाद से अब तक कई कंपनियां गौतम अडानी की झोली में आ गई हैं. मई 2021 में एस्सार पावर को अडानी ने 2500 करोड़ में खरीदा. नवंबर 2022 में एचडीआईएल (प्रोजेक्ट बीकेसी), जनवरी 2023 में रेडियस एस्टेट्स एंड डेवलपर्स को 76 करोड़ और अप्रैल 2023 में कराईकल पोर्ट को 1,583 करोड़ रुपए में अडानी समूह ने अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लिया.
इन्हें भी झोली में डाला
दिसंबर 2023 में अडानी पावर ने कोस्टल एनर्जन के लिए 3500 करोड़ रुपए की बोली लगाई और अपना बना लिया. मई 2024 में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने एस्सार ट्रांस्को लिमिटेड का सौदा 1900 करोड़ में किया. इसी तरह, अडानी ने दिवालिया हुई केएसके महानदी पावर और लैंको अमरकंटक पावर को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लिया है. दिवालिया प्रक्रिया से इतर भी अडानी ने कई बड़ी शॉपिंग की हैं. उन्होंने सीमेंट सेक्टर में कदम रखते हुए 2022 में अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी लिमिटेड का अधिग्रहण पूरा किया था. इसके बाद से समूह कुछ और सीमेंट कंपनियों को अपना बना चुका है.
अब सीमेंट सेक्टर पर नज़र
इस समय गौतम अडानी का फोकस सीमेंट बाजार पर है. मोदी सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर से सीमेंट सेक्टर के अच्छे दिन चल रहे हैं और अडानी इन अच्छे दिनों से अपनी आर्थिक सेहत को और मजबूत करना चाहते हैं. फिलहाल इस सेक्टर में आदित्य बिड़ला ग्रुप की अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement) नंबर वन है, लेकिन अडानी समूह की तेजी ने उसे भी परेशानी में डाल रखा है.
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