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EV पर GST कम करने को लेकर आई ये बुरी खबर, फिलहाल नहीं हुआ कम

दरअसल बाकी वाहनों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों पर पहले से ही जीएसटी की दर कम है. डीजल पेट्रोल कारों पर जहां 28 प्रतिशत है वहीं ईवी पर 18 प्रतिशत है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स) को लेकर बनाई गई एक फिटमेंट समिति ने इंडस्‍ट्री की उस मांग को खारिज कर दिया है जिसमें उसने टैक्‍स EV पर लगने वाले टैक्‍स को 18 प्रतिशत से 5 प्रतिशत को करने की मांग की थी. ये खबर ऐसे समय में आई है जब 7 अक्‍टूबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक होने जा रही है. अगर ऐसा होता तो ईवी के दामों में कमी आ सकती थी. 

इन उत्‍पादों पर भी जीएसटी कम करने की थी मांग 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में ईवी पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगता है. इंडस्‍ट्री की मांग थी कि इसे 18 प्रतिशत से 5 प्रतिशत करने की मांग हो रही थी. इंडस्‍ट्री ने सिगरेट पर एक समान अतिरिक्‍त मुआवजा सेस/ बीड़ी पर मुआवजा सेस को कम करने की मांग की थी. रिपोर्ट ये भी कह रही है कि तंबाकू और तंबाकू उत्‍पादों के संबंध में मुआवजा सेस तय करते समय औसत वैट रेट 28.7 प्रतिशत की जगह सिगरेट पर जीएसटी को 28 प्रतिशत रखा जाए. 

बजट में कम किया गया है जीएसटी 
इस साल पेश किए बजट में सिगरेट पर निर्दिष्‍ट एनसीसीडी दर को 16 प्रतिशत तक सुधारा गया है. ये निर्णय इसलिए लिया गया जिससे जीएसटी संग्रह में इजाफा हो सके.वहीं बीड़ी पर भी जीएसटी 28 प्रतिशत लगाने का फैसला किया गया है. 

लिथियिम आयन बैटरी पर इसलिए बनी रहेगी ये दर 
दरअसल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी परिषद ने 18 प्रतिशत की दर को कम करने के पीछे जो वजह दी है वो ये है कि बाकी वाहनों पर लगने वाला टैक्‍स 28 प्रतिशत है. लीथियम आयन पर पहले से ही टैक्‍स कम रखा गया है. लेवी जारी रखने का तर्क ये है कि लीथियम ऑयन बैटरी का इस्‍तेमाल सिर्फ ईवी में ही नहीं होता है बल्कि मोबाइल फोन में भी इसका इस्‍तेमाल किया जाता है. ऐसे में इसे कम नहीं किया जा सकता है. 
 


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