✕

होम / बिजनेस / Fintech सेक्‍टर की प्रतिस्‍पर्धा से इस कंपनी ने की तौबा, वापस लौटा दिए लाइसेंस 

Fintech सेक्‍टर की प्रतिस्‍पर्धा से इस कंपनी ने की तौबा, वापस लौटा दिए लाइसेंस 

कंपनी इससे पहले आईसीआईसीआई बैंक की मदद से यूपीआई लाइसेंस भी ले चुकी है. लेकिन इस बार कंपनी ने आरबीआई को लाइसेंस वापस कर दिए हैं. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

Fintech सेक्‍टर की सबसे बड़ी कंपनी Paytm के खिलाफ हुई कार्रवाई से भले ही सभी कंपनियां सहमी हुई हों लेकिन अभी भी इस सेक्‍टर में कई कंपनियां काम कर रही हैं. इन्‍हीं कंपनियों में शामिल होने के लिए फूड डिलीवरी कंपनी Zomato ने Zomato पेमेंट के लिए आरबीआई से लाइसेंस लिया था लेकिन अब कंपनी ने वो लाइसेंस वापस कर दिया है. कंपनी को इसी साल ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस और प्रीपेड पेमेंट इंस्‍टूमेंट लाइसेंस जारी किया गया था. 

जोमैटो को मिल चुका था बड़ा निवेश 
जोमैटो ने जब से अपने जोमैटो पेमेंट प्राइवेट लिमिटेड के लिए निवेश जुटाना शुरू किया था तब से कंपनी को 39 करोड़ रुपये का निवेश भी मिल चुका था. लेकिन कंपनी उस निवेश को भी वापस लौटा चुकी है. कंपनी को आरबीआई ने इसी पेमेंट कंपनी को चलाने के लिए ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस और प्रीपेड पेमेंट इंस्‍टूमेंट लाइसेंस जारी किया गया था, उसे भी कंपनी की ओर से वापस कर दिया गया है. 

ये भी पढ़ें: IMF प्रमुख ने क्‍यों कहा कि सुनामी की तरह नौकरी खा रहा है AI

पीछे हटने की ये रही है वजह 
जोमैटो मौजूदा समय में चार कंपनियों में काम कर रही है. इसमें जोमैटो, ब्लिंकिट, हायर प्‍योर, और गोइंग आउट शामिल हैं. दरअसल लाइसेंस वापस करने को लेकर जो वजह सामने आई है उसके अनुसार, कंपनी ने जब लाइसेंस के लिए अप्‍लाई किया था उस वक्‍त उसे इस पेमेंट सेक्‍टर में बड़ी संभावनाए नजर आ रही थी. लेकिन जब उसे लाइसेंस मिला तब बाजार में उसके अनुसार इसका स्‍कोप उसे ज्‍यादा नजर नहीं आ रहा है. इसलिए कंपनी ने इसे शुरू करने से पहले इसे बंद करने का निर्णय लेना बेहतर समझा. 

लागत को कम करना चाहता था Zomato 
दरअसल मौजूदा समय में अपने फूड डिलीवरी ऐप पर थर्ड पार्टी पेमेंट का इस्‍तेमाल करने के लिए जोमैटो को दूसरी कंपनियों को एक बड़ी रकम देनी पड़ती है. कंपनी का इस पेमेंट वेंचर के माध्‍यम से उस लागत में भी कमी लाने का प्‍लान था. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. अब इसके चलते फिलहाल जब तक कंपनी आने वाले दिनों में एक बार फिर इसे शुरू नहीं करती है तब तक उसे पहले ही तरह भुगतान करना होगा. कंपनी इससे पहले आईसीआईसीआई बैंक की मदद से यूपीआई सेवा की शुरूआत कर चुकी है. 
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

दूसरी तिमाही में मुनाफे में आई शिपरॉकेट, ₹0.6 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज; रेवेन्यू 34.7% बढ़ा

शिपरॉकेट का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 34.7 फीसदी बढ़कर 673.6 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 500.2 करोड़ रुपये था.

4 hours ago

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

6 hours ago

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

7 hours ago

सेबी का जापानी समझौता: ऐसे नुकसान का निपटारा, जो अब अस्तित्व में ही नहीं है

एक पूर्णकालिक सदस्य ने निप्पॉन से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. दूसरे सदस्य अभी फैसला नहीं कर पाए हैं. बॉन्ड फिर से जीवित हो गए हैं. और सेबी चेयरमैन की डायरी बार-बार निप्पॉन से टकरा रही है.

8 hours ago

वेदांता की पूर्व डिप्टी CFO स्वाति चौहान ने शुरू की अपनी कंपनी, निवेशक संबंधों पर करेगी काम

गुरुग्राम की Vaydha Advisory स्मॉल और मिड-कैप कंपनियों को निवेशक संबंध (Investor Relations), IPO की तैयारी, कंपनियों के विभाजन और अधिग्रहण से जुड़ी सलाह देगी.

8 hours ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

7 hours ago

विश्व बैंक: भारत ने रचा इतिहास

भारत में गरीबी में आई भारी कमी एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इस प्रगति को बनाए रखने के लिए बेहतर रोजगार और कम ध्रुवीकृत राजनीतिक व्यवस्था जरूरी है.

4 hours ago

ZEE5 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-क्रिएटिव नियुक्त हुए प्रिंस मिश्रा

प्राइम वीडियो में काम कर चुके प्रिंस मिश्रा के पास फिल्म, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो और ओटीटी क्षेत्र में 14 साल से अधिक का अनुभव है. ZEE5 में वह ब्रांड की पहचान मजबूत करने और दर्शकों के साथ जुड़ाव बढ़ाने पर काम करेंगे.

6 hours ago

CenturyPly का दूसरी तिमाही का राजस्व 28.5% बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया. प्लाईवुड, एमडीएफ, लैमिनेट्स और लॉजिस्टिक्स कारोबार में मजबूत वृद्धि से कंपनी के प्रदर्शन को सहारा मिला.

6 hours ago

सेबी ने म्यूचुअल फंड के लिए शुरू की नेट सेटलमेंट की सुविधा, 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नियम

सेबी ने म्यूचुअल फंड स्कीमों को शेयरों की खरीद और बिक्री से मिलने वाली रकम को आपस में एडजस्ट करने की अनुमति दी है.

9 hours ago