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मनरेगा मजदूरों के लिए बड़ी राहत: केंद्र सरकार ने ₹17,744 करोड़ की पहली किस्त जारी की

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने के लिए लगभग 30 करोड़ व्यक्ति-दिन रोजगार निर्धारित किए गए थे, जबकि मई के लिए यह आंकड़ा 43 करोड़ व्यक्ति-दिन से अधिक रखा गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने और मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहली किस्त के रूप में ₹17,744.19 करोड़ जारी किए हैं. इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्धता और मजदूरी भुगतान व्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है.

समय पर भुगतान और रोजगार उपलब्धता पर जोर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह राशि मजदूरी मद के तहत जारी की गई है ताकि काम की मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जा सके और भुगतान समय पर किया जा सके. इसके साथ ही प्रशासनिक और सामग्री मद के लिए अब तक ₹3,478 करोड़ रुपये राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी जारी किए जा चुके हैं.

नई योजना की ओर बदलाव की तैयारी

सूत्रों ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस योजना को नए नाम से बदला जा सकता है. सरकार “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” यानी विकसित भारत एवं रोजगार आजीविका मिशन (Gramin) लागू करने की योजना पर काम कर रही है, जिसे संक्षेप में VB-G RAM G भी कहा जा रहा है.

रोजगार में गिरावट पर सरकार का स्पष्टीकरण

हाल ही में मनरेगा रोजगार में लगभग 35.3% मासिक गिरावट दर्ज की गई थी, जिस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि यह योजना मांग आधारित है. इसलिए रोजगार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. अधिकारियों के अनुसार मौसम, स्थानीय आजीविका के अवसर और क्षेत्रीय जरूरतें रोजगार मांग को प्रभावित करती हैं.

रोजगार बजट में बढ़ोतरी के संकेत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने के लिए लगभग 30 करोड़ व्यक्ति-दिन रोजगार निर्धारित किए गए थे, जबकि मई के लिए यह आंकड़ा 43 करोड़ व्यक्ति-दिन से अधिक रखा गया है. यह वित्त वर्ष की पहली छमाही में रोजगार मांग में बढ़ोतरी का संकेत देता है.

नए और पुराने ढांचे का साथ-साथ संचालन

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक नई योजना पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक MGNREGA जारी रहेगी. बजट में भी दोनों योजनाओं के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं.

वित्त वर्ष 2027 के बजट में VB-G RAM G के लिए ₹95,692 करोड़ और मनरेगा के लिए ₹30,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, ताकि पुराने भुगतान और संक्रमण अवधि के खर्च पूरे किए जा सकें.

कुल मिलाकर सरकार का यह कदम ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को स्थिर रखने और मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. साथ ही नई रोजगार योजना की तैयारी से संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में ग्रामीण विकास मॉडल में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
 


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