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शेयर बाजार की चकाचौंध में फंसकर कहीं सब कुछ न गंवा दें आप! 

बहुत से निवेशक बाजार के रुख के खिलाफ निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाने की बात करते हैं. हालांकि, बाजार के रुख को भांपकर उसमें निवेश जोखिम को कम करने के लिए सबसे अहम रणनीति मानी जाती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

अजय शुक्ल
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

कुछ कंपनियों के प्रदर्शन पर भरोसा होता है, क्योंकि उनकी साख अच्छी होती है मगर कभी-कभी उनमें भी दांव उल्टा पड़ जाता है. हाल ही में टाटा समूह की एक कंपनी टेलीसर्विसेज लिमिटेड (TTML) का शेयर पिछले एक साल में 33.05 रुपए के निम्नतम स्तर से 290.15 रुपए की ऊंचाई पर पहुंचा तो तमाम निवेशक पिछले एक साल के प्रदर्शन के आधार पर तेजी से निवेश करने लगे. फिर क्या था, छद्म निवेशकों ने अपने निवेश की रकम निकालनी शुरू की, तो यह शेयर 93.20 रुपए पर पहुंच गया है. जिस वक्त यह शेयर अपने उच्च स्तर पर था, तब उसको बेचकर निकले निवेशकों ने खूब कमा लिया. इस साल अब तक इस शेयर ने 54.21 फीसदी का नुकसान दिया है. शुक्रवार को इसमें करीब छह फीसदी की गिरावट आ चुकी थी. 

गलत स्टॉक में न कर दें निवेश
इसी तरह जोमैटो के शुरुआती इन्वेस्टर्स में से एक सिकोइया कैपिटल इंडिया ने मार्केट में कंपनी की 2 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी. इसके बाद जोमैटो में सिकोइया की 4.4% हिस्सेदारी रह गई है. नतीजतन जोमैटो के शेयर में गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा, जबकि सिकोइया ने उतना मुनाफा कमा लिया, जितना उसने कुल निवेश किया था. ये शेयर बाजार की चंद गतिविधियां हैं. यह दर्शाता है कि किसी भी शेयर में निवेश और बिकवाली के बीच यह भी देखना चाहिए कि कहीं, हम मुनाफा कमाने के चक्कर में गलत वक्त पर गलत स्टॉक में निवेश न कर दें. ऐसा करना उनके लिए घातक हो सकता है, जो बाजार को नहीं समझते हैं.

रिसर्च के साथ उतरें बाजार में
शेयर बाजार में निवेश के बहुकोण होते हैं. बहुत से निवेशक बाजार के रुख के खिलाफ निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाने की बात करते हैं. हालांकि, बाजार के रुख को भांपकर उसमें निवेश जोखिम को कम करने के लिए सबसे अहम रणनीति मानी जाती है. इस रणनीति में जोखिम की पहचान कर पाना, बेहद मुश्किल होता है. क्योंकि बाजार गतिशील होता है. वो लगातार अपना रुख बदलता रहता है. लंबी अवधि के भीतर अल्पकालिक रुख को समझ पाना आसान नहीं होता है. कई निवेशक त्वरित और जल्दबाजी में निर्णय लेते हैं. वो बाजार के रुख को नहीं समझ पाते. शेयर बाजार निवेश निर्णय लेने से पहले खुद पूरी रिसर्च करना चाहिए और कंपनी की ग्रोथ, एसेट्स और मांग पर नजर डालने के बाद ही निवेश करना चाहिए. निवेश से पहले वित्तीय उद्देश्यों को भी तय कर लेना चाहिए.

उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करना ज़रूरी
अल्पकालिक और दीर्घकालिक उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करने से निवेशकों को शेयर बाजार के निवेश पर अधिकतम लाभ मिलते हैं. जरूरी है कि निवेशक धैर्य भी रखें और अध्ययन भी करें. निवेशक जब आपाधापी में बाजार में घुसता है, तो उसके हाथ मुनाफा नहीं नुकसान ही आता है. यही वजह है कि शेयर बाजार से अधिकतर लोग नुकसान उठाते हैं मगर वो फायदा उठाते हैं जो धैर्य के साथ ही व्यापक अध्ययन के साथ सौदा करते हैं. शेयर बाजार में मुनाफा कमाने की सोच रखने वालों के लिए दीर्घकालिक योजना और उसको अमल में लाने की रणनीति पर काम करने की जरूरत होती है. पहले यह योजना बनानी होगी कि आप दीर्घकालिक निवेश करना चाहते हैं या फिर त्वरित. ऐसी स्थिति में सभी खतरों को भांपकर बाजार में उतरना चाहिए. आपको ऐसे शेयर्स चुनने चाहिए, जो लंबे समय में अच्छा मुनाफा देने की गति से चल रहे हों. ऐसे शेयरों को पहले पहचानें और उनका व्यापक अध्ययन करें.

इन बातों का भी रखें ख्याल
सिर्फ कही-सुनी बातों या यूं ही मिले टिप्स के आधार पर निवेश करना नुकसान दे देगा. अगर कम से कम जोखिम में कैसे बेहतर रिटर्न हासिल करने पर काम कर रहे हैं,तो आपको बेहद सतर्क रहते हुए कुछ खास नजर रखनी होती है. बेहतर रिटर्न के लिए शेयर का चुनाव करते समय अच्छी क्वालिटी वाले शेयर को देखना चाहिए. ऐसी कंपनी जिसकी वित्तीय स्थिति और हाल के वर्षों का प्रदर्शन अच्छा रहा हो. बेहतर शेयर के चुनाव में कंपनी के डिविडेंड को देखना चाहिए. लगातार डिविडेंड से न सिर्फ शेयरधारक को सीधे निवेश पर रिटर्न मिलता है, बल्कि इससे कंपनी की अच्छी वित्तीय सेहत का भी पता चलता है. कंपनी के ‘डिस्काउंट-टू-बुक वैल्यू’ पर भी नजर डालना जरूरी होता है. अगर कंपनी मजबूत और बेहतर भविष्य वाली नजर आ रही है, तो उसके शेयर अपनी बुक वैल्यू के मुकाबले कम कीमत पर मिल रहे हों, तब उसमें मुनाफे की उम्मीद अधिक होती है. यह भी देखना जरूरी है कि उस शेयर यानी कंपनी की ग्रोथ की संभावना अच्छी हो. शेयर भी वाजिब कीमत पर हो, न कि उच्च स्तर पर. कंपनी की पिछले पांच साल आय की बढ़त 20 फीसदी से अधिक होनी चाहिए.

बाजार की चमक में न फंसे
जो लोग शेयर बाजार में इन सावधानियों और अध्ययन के साथ बाजार में निवेश करते हैं, वो निश्चित तौर पर मुनाफा कमाते हैं मगर जो आपाधापी में फंसते हैं, वो सिर्फ नुकसान कमाते हैं. बाजार की चमक में फंसकर निवेश करना भी खतरनाक होता है और वो किसी कंपनी की अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत भी नहीं होता है। बाजार किन कारणों से उच्च स्तर पर है, यह देखना जरूरी होता है. जो उनको भांपते हैं और उसको ध्यान में रखकर निवेश करते हैं. वही अच्छे निवेशक और मुनाफा कमाने वाले भी होते हैं.


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