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2023 में कम हो सकता है Salary इंक्रीमेंट, जानिए कितनी हो सकती है कमी !
अगले महीने से लगभग सभी कंपनियों की सैलरी में इजाफा होना शुरू हो जाएगा. लेकिन अब जो रिपोर्ट सामने आई है वो बता रही है कि इस बार पिछले साल के मुकाबले कम सैलरी बढ़ने वाली है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अप्रैल का महीना आते ही हर नौकरीपेशा की नजर उसके सालाना वेतन वृद्धि पर रहती है हर कर्मचारी की पूरी कोशिश यही रहती है कि आखिर उसकी सैलरी में कितना इजाफा हो रहा है. इसी को लेकर नौकरीपेशा लोगों के लिए एक सर्वे कंपनी की बूरी खबर सामने आई है. डेलॉइट इंडिया टैलेंट आउटलुक की पहली रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में भारत में अपेक्षित औसत वेतन वृद्धि 9.1% रहने की उम्मीद है. जबकि 2022 में यही वेतन वृद्धि 9.4% रही थी. हालांकि कई सेक्टर ऐसे हैं जिनमें ज्यादा वेतन वृद्धि देखे जाने की संभावना है.
क्या कहती है ये रिपोर्ट
डेलॉइट इंडिया टैलेंट आउटलुक की इस रिपोर्ट में पाया गया है कि 2022 के मुकाबले 2023 में वेतन वृद्धि लगभग सभी क्षेत्रों में कम रहने की उम्मीद है. जबकि लाइफ साइंस सेक्टर में 2023 में सबसे अधिक वेतन वृद्धि देखे जाने की उम्मीद है, आईटी क्षेत्र में 2022 की तुलना में वेतन वृद्धि में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है. सर्वेक्षण के नतीजों से पता चलता है कि हर तीन में से एक कंपनी दो अंकों की औसत वेतन वृद्धि देने की योजना बना रही है.
सर्वे पर क्या बोले कंपनी के प्रमुख
इस पूरे मामले पर डेलाइट इंडिया के पार्टनर आनंदोरूप घोष, ने कहा कि 2021 के अंत में नौकरी छोड़ने का जो सिलसिला शुरू हुआ था वो 2022 की शुरुआत तक जारी रहा. उन्होंने कहा कि हमने देखा कि भारतीय कंपनियों ने 2022 में पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा इंक्रीमेंट दिया. हमने ये भी देखा कि उन्होंने लोगों को आक्रामक तरीके से हायर भी किया इसके कारण कर्मचारियों की लागत राजस्व वृद्धि की तुलना में तेजी से बढ़ रही है. लेकिन इस साल लगातार बढ़ती महंगाई और महंगे कर्ज के कारणों ने कंपनियों को इसे लेकर ज्यादा सतर्क बना दिया है. उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि इस साल लोगों को ज्यादा नौकरी से नहीं निकाला जाएगा. यही नहीं 2022 में भारत में एट्रिशन 19.7% तक पहुंच गया था, जो 2021 में 19.4% पर था. जबकि कंपनी की रिपोर्ट कहती है कि सफेदपोश नौकरियों में महिला भागीदारी दर में 2022 में 21 के मुकाबले ज्यादा कमी देखने को मिली थी. 2022 में ये दर 25.3% हो गई थी जबकि 2021 में ये दर 24.1% थी.
अब टेक्नोलॉजी से हो रहा है असेसमेंट
COVID-19 के बाद के कंपनी के संचालन में तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है. टैलेंटेड लोगों को काम पर रखने और कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए हाइब्रिड वर्किंग मॉडल अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं. वर्तमान में, कुल कर्मचारी लागत का 3.8% अधिकांश संगठनों में मानव संसाधन प्रौद्योगिकी संवर्द्धन के लिए बजट रखा जा रहा है. 2022 में एचआर टेक में मैन्युफैक्चरिंग और आईटी सेक्टर सबसे बड़े निवेशक के रूप में उभरे हैं, जिसमें टैलेंट मैनेजमेंट प्रोसेस को बढ़ाने के लिए क्लाउड-आधारित एप्लिकेशन और डेटा एनालिटिक्स टूल्स के लिए टेक पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा समर्पित था. 7 सेक्टरों में हुए इस सर्वे में 25 सब सेक्टर और लगभग 300 संगठनों ने भाग लिया है.
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