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बजाज ऑटो का मुनाफा 46% उछला, रिकॉर्ड एक्सपोर्ट और घरेलू मांग से पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन
जून तिमाही में राजस्व 65% बढ़कर ₹21,689 करोड़ पहुंचा. घरेलू और निर्यात बाजार में रिकॉर्ड बिक्री से कंपनी ने बनाया नया कीर्तिमान, विशेषज्ञों ने आगे भी सकारात्मक रुख जताया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 hours ago
दोपहिया और तिपहिया वाहन निर्माता बजाज ऑटो (Bajaj Auto) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं. जून तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 46% बढ़ोतरी दर्ज हुई है. जबकि परिचालन से होने वाला राजस्व 65% की तेज बढ़ोतरी के साथ 21,689 करोड़ रुपये रहा. रिकॉर्ड एक्सपोर्ट, घरेलू बाजार में मजबूत मांग और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स ने कंपनी के प्रदर्शन को नई ऊंचाई पर पहुंचाया.
खर्च बढ़ा, लेकिन मुनाफे पर नहीं पड़ा असर
कंपनी ने मंगलवार को जारी नतीजों में बताया कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 3,225.63 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 45.9% अधिक है. परिचालन से राजस्व बढ़कर 21,688.83 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कुल आय 22,376.69 करोड़ रुपये रही, जिसमें 687.86 करोड़ रुपये की अन्य आय भी शामिल है.
तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च 68% बढ़कर 17,949.85 करोड़ रुपये हो गया. कच्चे माल और कंपोनेंट की लागत बढ़कर 13,261.30 करोड़ रुपये रही, जबकि कर्मचारी लाभ पर खर्च भी बढ़कर 1,387.09 करोड़ रुपये हो गया. इसके बावजूद बेहतर कीमत, अनुकूल प्रोडक्ट मिक्स, विदेशी मुद्रा से हुई कमाई और लागत नियंत्रण के चलते कंपनी ने मजबूत लाभप्रदता बनाए रखी.
स्टैंडअलोन कारोबार में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन
स्टैंडअलोन आधार पर बजाज ऑटो का राजस्व 37% बढ़कर रिकॉर्ड 17,244 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी ने बताया कि इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक वाहनों, घरेलू और निर्यात बाजारों के साथ-साथ दोपहिया और तिपहिया दोनों श्रेणियों में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई.
कंपनी का स्टैंडअलोन EBITDA पहली बार 3,500 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जबकि कर पश्चात लाभ (PAT) 2,983 करोड़ रुपये रहा. दोनों आंकड़ों में सालाना आधार पर 40% से अधिक की वृद्धि हुई.
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा एक्सपोर्ट
बजाज ऑटो ने कहा कि जून तिमाही में कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक तिमाही एक्सपोर्ट वॉल्यूम और एक्सपोर्ट रेवेन्यू दर्ज किया. पहली बार निर्यात 7 लाख यूनिट के आंकड़े को पार कर गया.
लैटिन अमेरिका में मजबूत मांग, अफ्रीका में तेज वृद्धि और खासतौर पर नाइजीरिया में कारोबार तीन गुना होने से कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़ा फायदा मिला. वहीं, कमर्शियल वाहनों के निर्यात में भी करीब 70% की वृद्धि दर्ज की गई.
घरेलू बाजार में भी सभी प्रमुख सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ रही, जिससे घरेलू राजस्व 26% बढ़ा. कंपनी ने कहा कि आने वाले समय में 125cc-160cc मोटरसाइकिल पोर्टफोलियो में अपग्रेड से उसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत होगी.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, बजाज ऑटो के पहली तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमान से बेहतर रहे हैं. मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ और बेहतर मार्जिन ने सप्लाई चेन और इनपुट लागत की चुनौतियों के बावजूद प्रदर्शन को सहारा दिया. उनका मानना है कि EV और एक्सपोर्ट कारोबार को लेकर मैनेजमेंट की आगे की रणनीति निवेशकों के लिए अहम रहेगी.
विशेषज्ञों ने कहा कि घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में मजबूत मांग के चलते कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है. हालांकि, उन्होंने निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में मार्जिन, मानसून के असर और मांग की स्थिरता पर नजर रखने की सलाह दी.
नतीजों के बाद बजाज ऑटो का शेयर शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद लगभग सपाट कारोबार करता दिखा. हालांकि कारोबार के समय करीब 1% की गिरावट रही. इसके बावजूद वर्ष 2026 में अब तक कंपनी का शेयर करीब 9% का रिटर्न दे चुका है.
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