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केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे और पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी, 12,600 करोड़ रुपये का निवेश
इन परियोजनाओं से न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि यात्री और माल ढुलाई दोनों में भी सुधार होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को रेलवे कनेक्टिविटी और शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी. इस मंजूरी में दो भारतीय रेलवे परियोजनाएं 2,781 करोड़ रुपये की लागत वाली और पुणे मेट्रो के अगले चरण की लाइनें 9,857.85 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ शामिल हैं. आइए इन परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानते हैं.
रेलवे प्रोजेक्ट्स: 224 किमी नई कनेक्टिविटी
रेलवे परियोजनाओं में देवभूमि द्वारका (ओखा)–कनालस लाइन का डबलिंग और बद्लापुर–कर्जत 32 किमी पर तीसरी और चौथी लाइन जोड़ना शामिल है. इन दोनों परियोजनाओं से कुल 224 किमी नई रेल लाइन जोड़े जाएंगे, जिससे लगभग 585 गांवों की 32 लाख आबादी के लिए कनेक्टिविटी सुधरेगी.
द्वारका–कनालस डबलिंग द्वारकाधीश मंदिर तक पहुंच को बेहतर बनाएगी और सौराष्ट्र क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देगी. वहीं, बद्लापुर–कर्जत खंड, जो मुंबई की उपनगरीय रेल प्रणाली का हिस्सा है, भीड़भाड़ कम करने, भविष्य की यात्री मांग पूरी करने और माल ढुलाई को मजबूत करने में मदद करेगा. अपग्रेडेड लाइनें सालाना 18 मिलियन टन कोयला, सीमेंट, नमक, कंटेनर और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे सामानों को संभाल सकती हैं.
पुणे मेट्रो फेज-2 विस्तार
पुणे में कैबिनेट ने लाइन 4 (खाराड़ी–हडपसर–स्वारगेट–खडकवसला) और लाइन 4A (नाल स्टॉप–वारजे–माणिक बाग) को मंजूरी दी, जिनकी कुल लंबाई 31.636 किमी और 28 एलिवेटेड स्टेशन होंगे. ये मार्ग आईटी हब्स, वाणिज्यिक क्षेत्र, आवासीय इलाके और शैक्षणिक संस्थानों को ईस्ट, साउथ और वेस्ट पुणे में जोड़ेंगे.
प्रोजेक्ट को पाँच वर्षों में पूरा किया जाएगा और इसे केंद्र व महाराष्ट्र सरकार के साथ-साथ बाहरी एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित किया जाएगा. महामेट्रो सभी सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिस्टम वर्क का संचालन करेगी, जबकि प्री-कंस्ट्रक्शन सर्वे और डिज़ाइन पहले से ही जारी हैं.
नई मेट्रो लाइनें मौजूदा और मंजूर मेट्रो कॉरिडोर से सहज रूप से जुड़ेंगी, और हडपसर रेलवे स्टेशन, खाराड़ी बायपास और स्वारगेट पर इंटरचेंज पॉइंट प्रदान करेंगी. सोलापुर रोड, मगर्पट्टा रोड, सिंहगड़ रोड, कार्वे रोड और मुंबई–बैंगलोर हाइवे जैसे प्रमुख मार्गों पर भीड़ कम होगी, सुरक्षा बेहतर होगी और शहरी गतिशीलता में सुधार होगा.
लाइन 4 और 4A पर दैनिक सवारी संख्या 2028 में 4.09 लाख से बढ़कर 2058 तक 11.7 लाख होने का अनुमान है, जो पुणे के ट्रांज़िट परिदृश्य पर लंबी अवधि में महत्वपूर्ण प्रभाव दिखाता है.
भविष्य में पुणे मेट्रो का विस्तार
इन मंजूरियों के साथ, पुणे मेट्रो का नेटवर्क 100 किमी से अधिक हो जाएगा, जो शहर के लिए आधुनिक, स्थायी और एकीकृत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.
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