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RBI स्टाफ बॉडी ने छोटे नोटों की गंभीर कमी पर चेतावनी दी, तत्काल कार्रवाई की अपील
छोटे नोटों की कमी यह संकेत देती है कि भारत में नकद प्रबंधन अभी भी चुनौतीपूर्ण है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां डिजिटल भुगतान पूरी तरह से नहीं पहुंच पाया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
ऑल इंडिया रिजर्व बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIRBEA) ने देशभर में ₹10, ₹20 और ₹50 के नोटों की भारी कमी की चेतावनी दी है. छोटे मूल्य के नोटों की यह असुविधा अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा के लेन-देन को प्रभावित कर रही है, जबकि एटीएम और बैंक शाखाएं पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं. संघ ने RBI से तुरंत कदम उठाकर छोटे नोटों का वितरण संतुलित करने और “कॉइन मेले” जैसी पहल को फिर से शुरू करने का सुझाव दिया है.
ऑल इंडिया रिजर्व बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIRBEA) ने कहा है कि देश के कई क्षेत्रों में ₹10 से ₹50 के नोट “लगभग अनुपलब्ध” हैं, जिससे रोजमर्रा के लेन-देन में कठिनाई बढ़ गई है. संस्था ने आरबीआई के डिप्टी गवर्नर (करेंसी मैनेजमेंट) को लिखे पत्र में चेतावनी दी कि छोटे मूल्य के नोटों की कमी विशेष रूप से अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में गंभीर स्थिति पैदा कर रही है. उन्होंने बताया कि ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट, जो रोजमर्रा के लेन-देन में सबसे अधिक इस्तेमाल होते हैं, आसानी से उपलब्ध नहीं हैं.
पत्र में कहा गया है कि जबकि ₹100, ₹200 और ₹500 के नोट आसानी से उपलब्ध हैं, एटीएम मुख्य रूप से बड़े मूल्य वाले नोट ही देते हैं और वाणिज्यिक बैंक शाखाएं छोटे नोटों की आपूर्ति में संघर्ष कर रही हैं. AIRBEA के अनुसार, इस असंतुलन के कारण स्थानीय परिवहन, किराने और अन्य आवश्यक खरीदारी में नकद लेन-देन प्रभावित हो रहा है.
हालांकि भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली तेजी से बढ़ रही है, लेकिन संघ ने जोर दिया कि छोटे मूल्य के नोट अब भी उस बड़ी आबादी के लिए अनिवार्य हैं, जो दैनिक आवश्यकताओं के लिए नकद पर निर्भर है. इसके अलावा, छोटे नोटों को सिक्कों से बदलने के पहले प्रयासों में सिक्कों की अपर्याप्त उपलब्धता के कारण सफलता नहीं मिली.
AIRBEA ने सुझाव दिया कि RBI वाणिज्यिक बैंक काउंटरों और RBI इश्यू काउंटरों के माध्यम से छोटे नोटों का वितरण सुनिश्चित करे. संघ ने “कॉइन मेले” जैसी पहल को फिर से शुरू करने की भी सिफारिश की, जहां सिक्कों का वितरण व्यापक रूप से किया जा सके, और इसे पंचायतों, सहकारी समितियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाई जा सके.
छोटे नोटों की कमी की चिंता ऐसे समय में सामने आई है जब ₹2,000 नोट के चरणबद्ध वापसी (2023 में वापस लिया गया, लेकिन अभी भी वैध) और RBI के निर्देशों के तहत अधिकतर एटीएम को ₹100 और ₹200 जैसे छोटे नोट देने के लिए कॉन्फिगर करने की पहल की जा रही है. इन कदमों का उद्देश्य आम जनता को आसानी से इस्तेमाल होने वाले नोट उपलब्ध कराना है, और 2026 तक एटीएम उपलब्धता के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान स्थिति बड़े और विविध अर्थव्यवस्था में मुद्रा प्रबंधन की जटिलताओं को उजागर करती है, जहां डिजिटल भुगतान की ओर बढ़त के बावजूद छोटे और सूक्ष्म स्तर के लेन-देन में नकद अभी भी केंद्रीय भूमिका निभाता है.
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