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₹60,000 करोड़ की स्कीम से बदलेगी ITI की तस्वीर, स्किल ट्रेनिंग में साझेदार बनेंगे बड़े कॉर्पोरेट
केंद्र सरकार ने देशभर के 1,000 ITI संस्थानों को अपग्रेड करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है. इस योजना का लाभ देश के करोड़ों युवाओं को मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
देश में युवाओं को रोजगार योग्य कौशल देने और इंडस्ट्री-फोकस्ड ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक ₹60,000 करोड़ की स्कीम की शुरुआत की है. इस योजना के तहत देशभर के 1,000 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स (ITI) को आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से अपग्रेड किया जाएगा. इसमें निजी और सरकारी दोनों सेक्टर की बड़ी कंपनियों को भागीदार बनाया जा रहा है. चलिए सरकार की इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं.
टैलेंट ट्रेनिंग में उतरेंगी देश की टॉप कंपनियां
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस सरकारी योजना के तहत रिलायंस ग्रुप, अडानी ग्रुप, महिंद्रा ग्रुप, जेके सीमेंट, जिंदल ग्रुप, टोयोटा इंडिया, श्नाइडर इलेक्ट्रिक और आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील जैसी 8 प्रमुख कंपनियां पहले ही इसमें दिलचस्पी दिखा चुकी हैं. अब तक 12 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इस योजना में हिस्सा लेने को तैयार हैं. इनमें से कई कंपनियों ने उन राज्यों और सेक्टर्स की जानकारी भी दी है, जहां वे हब एंड स्पोक मॉडल पर आधारित ITI विकसित करना चाहती हैं.
L&T, बजाज और सरकारी कंपनियों से भी बातचीत
सरकार की बातचीत लार्सन एंड टूब्रो (L&T), बजाज ऑटो, आदित्य बिड़ला ग्रुप और सरकारी क्षेत्र की कंपनियों जैसे बीएचईएल, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से भी चल रही है. जल्द ही इनके शामिल होने की घोषणा भी की जा सकती है.
क्या है हब एंड स्पोक मॉडल?
इस योजना में ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ को लागू किया जा रहा है. इसके अंतर्गत:
- कुछ प्रमुख ITI संस्थानों को 'हब' बनाया जाएगा, जहाँ पर अत्याधुनिक प्रशिक्षण, प्रयोगशालाएं और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे.
- आसपास के अन्य ITI संस्थान 'स्पोक' के रूप में काम करेंगे और हब से जुड़कर एक जैसी गुणवत्ता वाली ट्रेनिंग देंगे.
- यह मॉडल स्थानीय उद्योगों की ज़रूरतों के अनुरूप स्किल्स तैयार करने में मदद करेगा.
कंपनियों की सेक्टर-वाइज प्लानिंग
- जेके सीमेंट: राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्रों में ट्रेनिंग देने की योजना है.
- रिलायंस ग्रुप: महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्र प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग में युवाओं को प्रशिक्षित करेगा.
2 करोड़ युवाओं को मिलेगा लाभ
सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में दो करोड़ युवाओं को इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाए. यह प्रोग्राम स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो कि देश में वर्ल्ड-क्लास वोकेशनल ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है.
भारत में बढ़ती जनसंख्या और रोजगार की चुनौती को देखते हुए यह योजना न केवल स्किल गैप को भरने का कार्य करेगी, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन और एनर्जी सेक्टर में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी.
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