होम / बिजनेस / सरकार ने ₹69,725 करोड़ के शिपबिल्डिंग सुधार पैकेज को दी मंजूरी, शेयर बाजार में दिखा असर
सरकार ने ₹69,725 करोड़ के शिपबिल्डिंग सुधार पैकेज को दी मंजूरी, शेयर बाजार में दिखा असर
सरकार का यह कदम भारतीय शिपबिल्डिंग कंपनियों को मजबूत करेगा. इससे ‘मेक इन इंडिया’ पहल को गति मिलेगी, जहाज निर्माण उपकरणों में निवेश बढ़ेगा और भारत को वैश्विक जहाज निर्माण हब बनने का रास्ता मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारतीय जहाज निर्माण उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए मोदी कैबिनेट ने बुधवार को बड़ा कदम उठाया है. मंत्रिमंडल ने ₹69,725 करोड़ के शिपबिल्डिंग सुधार पैकेज को मंजूरी दी, जिसके बाद शिपबिल्डिंग कंपनियों के शेयरों में तेज़ी देखने को मिली.
शेयर बाजार में उत्साह
पैकेज की घोषणा के बाद बुधवार को शिपबिल्डिंग से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में हलचल रही.
- शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया 2.44% की बढ़त के साथ ₹228.65 पर बंद हुआ.
- कोचीन शिपयार्ड 0.32% की गिरावट के साथ ₹1,878.60 पर रहा.
- मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स 0.41% चढ़कर ₹2,952 पर पहुंचा.
- गार्डन रीच शिपबिल्डर्स 0.60% की बढ़त के साथ ₹2,696.70 पर रहा.
- वहीं, जीई शिपिंग 2.09% टूटा और ₹1,020.25 पर बंद हुआ.
पैकेज से क्या होगा फायदा?
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस पैकेज का मकसद देश के जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को पुनर्जीवित करना है.
1. उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी.
2. रोजगार और निवेश की नई संभावनाएं पैदा होंगी.
3. घरेलू इकाइयों और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा.
नई नीति का खाका – Ship Building Financial Assistance Policy 2.0
इस पैकेज का सबसे अहम हिस्सा नई वित्तीय सहायता नीति है. इसके तहत सामान्य जहाजों पर 100 करोड़ तक 15% सब्सिडी, उन्नत और विशेष जहाजों पर 100 करोड़ से ऊपर 20% सब्सिडी, ग्रीन शिप्स पर 25% तक की सहायता, यह योजना 10 साल तक लागू रहेगी. इसके अलावा फंड वितरण में 40% स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल अनिवार्य होगा.
टैग्स