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टियर-2 शहरों में बस रहा भारत के रियल एस्टेट का भविष्य, लखनऊ, नागपुर और कोयंबटूर बने नए हॉटस्पॉट
CRISIL की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच देश के प्रमुख टियर-2 शहरों में आवासीय मांग 14% की सालाना दर से बढ़ी, जबकि लखनऊ, नागपुर और कोयंबटूर जैसे शहरों में यह वृद्धि करीब 20% रही.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत का रियल एस्टेट बाजार अब केवल दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों तक सीमित नहीं रहा. बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज शहरीकरण और बढ़ते रोजगार के अवसरों के चलते टियर-2 शहर निवेश और हाउसिंग डिमांड के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं. क्रिसिल (CRISIL) की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच देश के प्रमुख टियर-2 शहरों में आवासीय मांग 14% की सालाना दर से बढ़ी, जबकि लखनऊ, नागपुर और कोयंबटूर जैसे शहरों में यह वृद्धि करीब 20% रही.
टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रहा है खरीदारों का रुझान
क्रिसिल की 'हाउसिंग हॉटस्पॉट्स' रिपोर्ट के अनुसार, देश के 10 प्रमुख टियर-2 शहर अब रियल एस्टेट सेक्टर के नए ग्रोथ सेंटर बन रहे हैं. इन शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और बढ़ती आर्थिक गतिविधियों ने आवासीय बाजार को नई गति दी है. यही वजह है कि अब घर खरीदारों और निवेशकों की दिलचस्पी पारंपरिक महानगरों से हटकर इन शहरों की ओर बढ़ रही है.
बड़े और प्रीमियम घरों की बढ़ी मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में कुल आवासीय आपूर्ति में 2BHK और 3BHK घरों की हिस्सेदारी 75% से अधिक रही. वहीं, प्रीमियम सेगमेंट में बड़े आकार के घरों की मांग लगातार बढ़ी है. इससे साफ है कि खरीदार अब बेहतर सुविधाओं और अधिक खुले रहने के स्थान को प्राथमिकता दे रहे हैं.
₹2 करोड़ से अधिक के घरों की बढ़ी हिस्सेदारी
इंदौर, लखनऊ और सूरत जैसे शहर अब प्रीमियम हाउसिंग मार्केट के रूप में तेजी से उभर रहे हैं. इन शहरों में सक्रिय आवासीय आपूर्ति का 20% से अधिक हिस्सा 2 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले घरों का है. रिपोर्ट के अनुसार, आईटी सेक्टर के विस्तार और उद्यमियों की बढ़ती आय ने इस ट्रेंड को मजबूती दी है.
इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉर्पोरेट विस्तार से मिल रही रफ्तार
विशेषज्ञों के मुताबिक, नए एक्सप्रेसवे, क्षेत्रीय एयरपोर्ट, बेहतर सड़क नेटवर्क और मेट्रो परियोजनाओं ने टियर-2 शहरों को बड़े आर्थिक केंद्रों से जोड़ दिया है. वहीं, वर्क-फ्रॉम-होम और वर्कफोर्स के विकेंद्रीकरण के चलते कई कंपनियां इन शहरों में सैटेलाइट ऑफिस खोल रही हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और हाउसिंग की मांग दोनों बढ़ रही हैं.
लग्जरी हाउसिंग का बढ़ रहा बाजार
पहले जहां टियर-2 शहरों का रियल एस्टेट स्थानीय डेवलपर्स तक सीमित था, वहीं अब यहां राष्ट्रीय स्तर की रियल एस्टेट कंपनियां भी तेजी से निवेश कर रही हैं. गेटेड कम्युनिटी, स्मार्ट होम, हरित क्षेत्र और प्रीमियम सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है. लखनऊ और कोयंबटूर जैसे शहरों में खरीदार अब महानगरों जैसी लाइफस्टाइल की उम्मीद कर रहे हैं.
स्मार्ट सिटीज मिशन से मिली नई दिशा
स्मार्ट सिटीज मिशन ने भी इन शहरों के विकास में अहम भूमिका निभाई है. इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, जल आपूर्ति और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं ने शहरों की कार्यक्षमता में सुधार किया है. इससे इन शहरों में निवेश और रियल एस्टेट विकास की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं.
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के अनुसार, भारत के शहरी विकास का अगला चरण टियर-2 शहरों से संचालित होगा. उनका कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ इन शहरों में लोगों की आकांक्षाएं और प्रीमियम जीवनशैली की मांग तेजी से बढ़ रही है. खासकर लखनऊ जैसे शहर दीर्घकालिक रियल एस्टेट विकास के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई देते हैं.
मेट्रो, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट विस्तार जैसी परियोजनाएं निश्चित रूप से शहर की विकास क्षमता को मजबूत कर रही हैं, लेकिन इससे भी बड़ा बदलाव यहां के लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं और आत्मविश्वास में दिखाई देता है. आज के खरीदार सोच-समझकर डिजाइन किए गए घर, बेहतर सुविधाएं और ऐसे समुदाय चाहते हैं, जहां अपनापन महसूस हो. आवास की मांग लगातार आपूर्ति से अधिक बनी हुई है और शहर का आर्थिक एवं सामाजिक ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है. हमारा मानना है कि लखनऊ दीर्घकालिक विकास के लिए पूरी तरह तैयार है और यहां ऐसे समुदाय विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं, जिन पर लोग गर्व कर सकें.
विशेषज्ञों का मानना है कि जहां टियर-1 शहरों का रियल एस्टेट बाजार धीरे-धीरे परिपक्व हो रहा है, वहीं टियर-2 शहर अभी विकास के शुरुआती चरण में हैं. बेहतर रिटर्न की संभावना, बढ़ती आबादी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के नए अवसर इन्हें भविष्य के सबसे आकर्षक रियल एस्टेट बाजारों में शामिल कर रहे हैं.
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