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त्योहारों में दिखा ऑटो बाजार का जोश, 41% उपभोक्ताओं की नई गाड़ी खरीदने की योजना
विशेषज्ञों का मानना है कि ओईएम और डीलर्स को इस अवसर का लाभ उठाकर ग्राहकों के लिए कस्टमाइज्ड मॉडल, आकर्षक फाइनेंस विकल्प और बेहतर डिजिटल अनुभव उपलब्ध कराने चाहिए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
जैसे-जैसे देश दीपावली की जगमगाहट की ओर बढ़ रहा है, भारतीय पैसेंजर व्हीकल बाजार भी एक नई ऊर्जा और उम्मीदों से सराबोर है. ग्रांट थॉर्नटन भारत की हालिया सर्वे रिपोर्ट ‘Festive Drive: What Consumers Want in Their Next Ride’ से यह स्पष्ट होता है कि देश का उपभोक्ता अब न केवल नई तकनीकों और सुविधाओं के प्रति अधिक जागरूक है, बल्कि खरीदारी के फैसलों में भी पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वास और योजना लेकर आगे बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, 41% उपभोक्ता अगले 3 से 4 महीनों में वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, यह आंकड़ा न केवल बाजार में सकारात्मक बदलाव का संकेत है, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक नई लहर की शुरुआत भी है. बता दें, यह अध्ययन देशभर के 2,800 से अधिक उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है, जो बदलती जीवनशैली, तकनीकी अपनाने और जीएसटी 2.0 जैसे नीतिगत सुधारों से प्रभावित हैं.
उपभोक्ता भावना में नया जोश
रिपोर्ट के अनुसार, 72% उत्तरदाताओं ने जीएसटी सुधारों की उम्मीद में अपनी खरीद को टाल दिया था. अब जब जीएसटी का ढांचा सरल हुआ है, तो वाहन खरीद को लेकर उपभोक्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है.
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री लीडर साकेत मेहरा ने कहा, “यह त्योहारी सीजन सिर्फ बिक्री का अवसर नहीं है, बल्कि उपभोक्ता व्यवहार में गहरे बदलाव का संकेत भी है. हाइब्रिड वाहनों की बढ़ती मांग, सुरक्षा के प्रति जागरूकता और प्रीमियम फीचर्स के लिए भुगतान करने की इच्छा यह दर्शाती है कि भारतीय उपभोक्ता अब अधिक जानकार और महत्वाकांक्षी हो चुके हैं.”
सर्वे की प्रमुख झलकियां
1. हाइब्रिड वाहनों की बढ़ती पसंद – 38% उत्तरदाताओं ने हाइब्रिड वाहनों को प्राथमिकता दी, जबकि पेट्रोल (30%) और इलेक्ट्रिक वाहनों (21%) की तुलना में यह संख्या अधिक रही.
2. एसयूवी की बादशाहत कायम – 64% उत्तरदाताओं ने एसयूवी को चुना. FY25 में यह सेगमेंट कुल बिक्री में 65% योगदान दे रहा है, जो दो साल पहले 50% के करीब था.
3. सुरक्षा बनी प्राथमिकता – 34% उपभोक्ताओं ने कीमत और माइलेज की बजाय सुरक्षा को अधिक महत्व दिया, जो बाजार की परिपक्वता और नियमों की सख्ती को दर्शाता है.
4. प्रीमियम फीचर्स की मांग बढ़ी – 35% से अधिक उपभोक्ता उच्च श्रेणी के मॉडल के लिए अधिक कीमत चुकाने को तैयार हैं. 65% लोगों का कहना है कि 10–15% का मूल्य प्रीमियम स्वीकार्य है.
5. डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभाव – 52% उत्तरदाता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से जानकारी जुटाते हैं. सोशल मीडिया (35%) और कार ऐप्स (23%) सबसे लोकप्रिय स्रोत बने हैं.
6. जीएसटी से बढ़ी वहनीयता – छोटी कारों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से वाहन की कीमत में 1 लाख रुपये तक की कमी संभव है, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में मांग में तेजी आएगी.
नवरात्रि में 34% बढ़ी बिक्री
नवरात्रि 2025 के दौरान पैसेंजर व्हीकल बिक्री में 34% की वृद्धि दर्ज की गई, जिसका श्रेय जीएसटी सुधारों, नई लॉन्चिंग और अपग्रेड डिमांड को दिया जा रहा है. स्थिर ब्याज दरें, बढ़ती आय और ईवी प्रोत्साहन नीतियां भी बाजार को मजबूती दे रही हैं.
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