होम / बिजनेस / आम आदमी का इंतजार और बढ़ा, अभी सस्ता नहीं होगा इंश्योरेंस, नहीं बनी GST घटाने पर बात
आम आदमी का इंतजार और बढ़ा, अभी सस्ता नहीं होगा इंश्योरेंस, नहीं बनी GST घटाने पर बात
बिहार के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बीमा पर जीएसटी कम करने के प्रस्ताव को जीएसटी की अलग अगली बैठक के लिए टाल दिया गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
जीएसटी काउंसिल की बैठक (GST Council Meeting) में एक बड़ा फैसला लिया गया है. मंत्रियों के समूह ने हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST घटाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे जीएसटी काउंसिल की बैठक में नेक्स्ट मीटिंग के लिए टाल दिया गया है. इसका मतलब है कि अभी भी लोगों को अपने इंश्योरेंस पर पुराने टैक्स रेट के हिसाब से प्रीमियम जमा करना होगा.
GST परिषद की 55वीं बैठक में स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर प्रीमियम कम करने का फैसला टालने के पीछे वजह बताया गया कि इस पर और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है. काउंसिल ने मंत्रियों के समूह (GOM) को अपनी रिपोर्ट को और अधिक व्यापक बनाने के लिए अतिरिक्त जानकारी पेश करने के लिए कहा है. इससे पता चलता है कि GST रेट्स को संशोधित करने या हेल्थ्स और लाइफ इंश्योरेंस से संबंधित प्रीमियम को कम करने पर कोई भी फैसला लेने से पहले मामले को और अधिक जांच की आवश्यकता है.
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने क्या कुछ कहा है?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और राज्यों के उनके समकक्षों की मौजूदगी वाली परिषद ने यह फैसला किया। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि समूह, व्यक्तिगत, वरिष्ठ नागरिकों की पॉलिसियों पर टैक्स मुक्त के बारे में फैसला करने के लिए बीमा पर जीओएम की एक और बैठक होगी। सम्राट चौधरी ने प्रेस को दिए बयान में कहा, “कुछ सदस्यों ने कहा कि और चर्चा की जरूरत है। हम (जीओएम) जनवरी में फिर मिलेंगे।”
नवंबर में GoM ने की थी सिफारिश
काउंसिल ने सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बीमा पर मंत्रियों के समूह (GoM) का गठन किया है, जिसने नवंबर में अपनी बैठक में टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने पर सहमति जताई थी. साथ ही स्वास्थ्य बीमा कवर के लिए वरिष्ठ नागरिकों द्वारा दिए गए प्रीमियम को भी कर से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है. सीनियर सिटीजन के अलावा अन्य व्यक्तियों के पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने का भी प्रस्ताव है. हालांकि, पांच लाख रुपये से अधिक के स्वास्थ्य बीमा कवर वाली पॉलिसी के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी जारी रहेगा.
अभी कितना लगता है जीएसटी रेट्स?
वर्तमान में, स्वास्थ्य बीमा, टर्म लाइफ इंश्योरेंस और यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान 18 प्रतिशत जीएसटी दर के तहत आते हैं. एंडोमेंट प्लान में जीएसटी आवेदन अलग है, पहले वर्ष में 4.5 प्रतिशत और दूसरे वर्ष से 2.25 प्रतिशत की दर से. जीवन बीमा के लिए सिंगल प्रीमियम एन्युटी पॉलिसियों पर 1.8 प्रतिशत जीएसटी दर लागू होती है. ये रेट्स सभी आयु वर्ग पर समान रूप से लागू होती हैं. स्वास्थ्य बीमा पर मंत्रिसमूह (GOM) ने 16 दिसंबर को राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व अधिकारियों के समक्ष अपनी सिफारिशें रखी थीं.
टैग्स